थाना क्षेत्र के बजरडीहा गांव स्थित एक तालाब का पानी घरों में घुसने पर शुक्रवार की रात चार लोगों का कच्चा मकान गिर पड़ा। इससे नाराज ग्रामीणों ने शनिवार सुबह प्रधान को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने कहा कि बार-बार तालाब का पानी निकासी के लिए नाला बनवाने की मांग के बावजूद नहीं बनवाया गया। प्रधान ने बताया कि मनरेगा के तहत बजट नहीं आ रहा है, जिससे सारा कार्य ठप है। जैसे ही बजट मिलेगा नाली निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
तालाब में अधिक पानी भरने पर उसकी निकासी के लिए नाली नहीं बनाए जाने के कारण पानी लोगों के घरों में घुस गया। इससे अश्वनी सरोज,विजई पाल, मयकू पाल, अखिलेश सरोज, हरी नारायण का कच्चा मकान शुक्रवार की रात भरभरा कर गिर गया। मकान गिरते समय परिवार के लोग बाहर होने के कारण बाल-बाल बच गए। परिवार के लोगों ने रात में ही घटना की जानकारी गांव के प्रधान योगेश नारायण यादव को दिया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीण नाराज हो गए। सुबह भी नहीं आने पर उनका गुस्सा भड़क गया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखकर कुछ लोगों ने प्रधान को मौके पर निरीक्षण के लिए बुलाया। प्रधान के पहुंचे ही परिवार समेत अन्य लोग नाराज हो गए और उसे बंधक बना लिया। नष्ट हुए सामानों की कीमत लगभत तीन लाख रुपये बताई जा रही है। करीब तीन घंटे से प्रधान को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर पहुंचे कछवां थानाध्यक्ष राममोहन राय ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराते हुए प्रधान को मुफ्त कराया। उधर मझवां ब्लाक के प्रभारी बीडीओ एनएन मिश्रा ने बताया कि मनरेगा के तहत आने वाला बजट प्रधान के खाते में दूसरे महीने भेज दिया जाता है। कहा कि अगर कोई प्रधान बजट होने के बाद भी काम नहीं कराता है तो कार्रवाई होगी।