यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन करते सवर्ण समाज के लोग। स्रोत - संवाद
मिर्जापुर। यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग के लिए सवर्ण समाज के लोगों ने शनिवार को संपूर्ण स्वाभिमान यात्रा निकाली। घंटाघर से यात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। वहां पर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने यूजीसी के काले कानून को वापस लेने के लिए सरकार से मांग की है।
कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति, जातिगत राजनीति, ना तो भारत संविधान का स्वरूप रही है और ना ही भारत देश की संस्कृति रही है। वर्तमान समय में जातिगत राजनीति देश के लिए खतरा है। देश की अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बन सकती है। यूजीसी का जो काला कानून लाया गया है उसे पूरा सवर्ण समाज नष्ट हो जाएगा। तुष्टिकरण की राजनीति के चलते सवर्णों पर पहले से ही काफी अत्याचार हो रहे हैं। सवर्ण समाज अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार की दूषित मानसिकता राजनीति से उठकर अब स्कूल कॉलेज तक पहुंच गई है जो बहुत ही खराब है।
छात्रों को भी राजनीति में शामिल किया जा रहा है। यदि सरकार ने यूजीसी का काला कानून वापस नहीं लिया तो सड़क से संसद तक संघर्ष करने से स्वर्ण समाज पीछे नहीं रहेगा। इस अवसर पर पुष्पेंद्र कुमार पाठक, जगदीश दुबे, डॉ.अवनीश सिंह, मोहित सिंह, मधुकर मिश्रा, अनिल पांडे, साधु तिवारी, अखिलेश मिश्रा, प्रीतम सिंह, मंगल सिंह आदि रहे।