मिर्जापुर। लाखों लोगों की आस्था का केंद्र मां विंध्यवासिनी दरबार के साथ साथ क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रमुख मंदिरों और पौराणिक स्थलों को भव्यता देने की कवायद शुरू हो गई है। आध्यात्मिक महत्व वाले त्रिकोण से जुड़े पांच मार्गाें को 75 फीट तक चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण के लिए शासन से 58 करोड़ रुपये जारी हो गए हैं। जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। यह कार्य इस बार केंद्रीय बजट में विंध्याचल क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं के लिए मिले 300 करोड़ रुपये से अलग हैं।
मां विंध्यवासिनी मंदिर के वैश्विक महत्व और आध्यात्मिक पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए मंदिर परिसर और आस-पास के क्षेत्र को विंध्य कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले फेज का कार्य पूर्ण होने के बाद मंदिर की भव्यता देखते ही बन रही है। अब मां विंध्यवासिनी दरबार से जुड़े काली खोह, अष्टभुजा और त्रिकोण के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं को मूर्त रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में त्रिकोण पथ के चौड़ीकरण के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। योजना के अंतर्गत त्रिकोण से जुड़े विभिन्न मार्गों का चौड़ीकरण, पैदल पथ, यात्री शेड, द्वार सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाना है। त्रिकोण परिक्रमा पथ के चौड़ीकरण का लाभ हर साल दर्शन करने विंध्याचल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा।
एसडीएम संजीव कुमार ने बताया कि चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि को क्रय करने के लिए 58 करोड़ रुपये जारी हो गए हैं। अवर अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रवीण कुमार चौहान ने बताया कि भूमि क्रय करने के बाद सड़क, पाथवे निर्माण सहित अन्य विकास कार्याें का इस्टीमेट तैयार की शासन से मांग की जाएगी। संवाद
अष्टभुजा स्थित कजरहवा पोखरा त्रिकोण परिक्रमा मार्ग, स्रोत संवाद