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Mirzapur News: आंधी से एक डिग्री सेल्सियस गिरा तापमान

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जिले में बृहस्पतिवार को दोपहर 12 मौसम ने करवट बदली। तेज आंधी से पेड़, आम गिर गए। 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हवाएं चलने से टेंट, टीनशेड धाराशायी हो गए। खेतों में गेहूं के डंठल और भूसा हवा में उड़ने लगा।
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आंधी से एक डिग्री तापमान लुढ़क गया। लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली लेकिन किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। । बूंदाबादी से फसलों में नमी आ गई है। कटाई और मड़ाई का कार्य बाधित हो गया है। कई क्षेत्रों में तीन घंटे तक बिजली गुल रही।
बृहस्पतिवार को जिले में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया था।
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सुबह 10 बजे से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरु हो गई थी। दोपहर मौसम का मिजाज बदल गया। पड़री क्षेत्र में तेज आंधी से खेतों में पड़े गेहूं के बोझ हवा में उड़ गए। बूंदा बांदी से किसानों मायूस नजर आए। आंधी और बूंदाबांदी से आम, गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों की फसलों को नुकसान हुआ।
आंधी थमते ही किसान गेहूं के बोझ और डंठल समेटने में जुट गए।। नरायनपुर में आंधी से आम की फसलों का काफी नुकसान हुआ। बूंदाबांदी होने से फसल भींग गए। पटेहरा क्षेत्र के पटेहरा कला, पड़रिया कला, ककरद, पड़रिया खुर्द, मलुआ, कुहूँकि, नेवढ़ियाव, रामपुर में बूंदाबादी से फसलों को नुकसान हुआ। सलैया निवासी सोनू की झोपड़ी तेज हवा से उड़ गई। आम, महुआ के फल फूल गिर गए। सुधांशु मिश्र के खेत में गेहूं का भूंसा उड़ गया। चेतगंज क्षेत्र में बूंदाबादी से किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं। सिटी कोतवाली के पास तेज आंधी से नीम का एक पेड़ गिर गया। इससे तीन घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि पेड़ गिरने से तार टूट गए थे। बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए 72 घंटे के अंदर सूचित करें : कृषि उपनिदेशक विकेश कुमार सिंह पटेल ने दो दिनों तक मौसम खराब रहेगा। राज्य के अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश व बिजली गिरने की संभावना है।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को सुझाव दिया वे फसलों की कटाई कराकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। कहा कि जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है। रबी मौसम की सभी प्रमुख फसलों में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों एवं अलसी को ग्राम पंचायत स्तर पर अधिसूचित किया गया है।
कवर किए गए जोखिमों में स्थानीय आपदाओं के अंतर्गत खड़ी फसलों को वर्षा, ओलावृष्टि, जलभराव आदि से क्षति की स्थिति में प्रावधानों के अनुसार बीमा कंपनी की ओर से किसानों को क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। किसान 72 घंटे के अंदर क्षति की सूचना टोल फ्री नं0 14447 पर दे सकते हैं। एडीएम शिव प्रताप शुक्ला ने लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की है। एडीएम ने कहा आंधी- बारिश के दौरान खिड़की, दरवाजे एवं बरामदे, पेड़, मोबाइल टावर, बिजली के खंभे, जलाशय से दूर रहें। बच्चों को बाहर न खेलने दें।
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