नगर के वासलीगंज में अलाव तापते लोग।
विगत नौ दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। शुक्रवार को दोपहर बाद सूर्यदेव के दर्शन तो हुए, लेकिन उससे राहत मिलने को कौन कहे गलन-ठिठुरन और भी बढ़ र्गई। नगरीय इलाकाें सहित जिले के ग्रामीण इलाकों में लोग जगह-जगह अपने स्तर पर व्यवस्था कर अलाव तापते नजर आए। शीतलहर के बावजूद विभिन्न बैंकों व एटीएम के बाहर बड़ी संख्या में खाताधारक कतार में खड़े रहे।
शुक्रवार की सुबह अन्य दिनाें की अपेक्षा उतना कोहरा नहीं दिखा, लेकिन वातावरण में नमी के कारण गलन-ठिठुरन अपने चरम पर रहा। ठंड का प्रकोप इस कदर दिखाई दिया कि सुबह के नौ बजे के बाद तक प्रमुख बाजाराें की अधिकांश दूकानों के शटर गिरे रहे। तटवर्तीय इलाकाें में घने कोहरे के कारण सड़कों पर चलने वाले वाहन रेंगते नजर आए। दुर्घटना से बचने के लिए वाहन चालक अपने वाहन के हेड लाइट को जला कर चल रहे थे।
वहीं दूकान पर गर्म कपड़ाें की बिक्री बढ़ गई है। शुक्रवार को जरूरी कार्यवश घरों से बाहर निकलने वाले लोग अपने शरीर को पूरी तरह ढके हुए थे। ठंड से बचाव के लिए नगर के प्रमुख बाजारों में स्थित दूकानाें पर रजाई भरवाने व कंबल की खरीदारी करने ग्राहकों का तांता लगा रहा। जिला एवं पालिका प्रशासन की तरफ से नगर सहित ग्रामीण अंचलों में कहीं अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं कराई गई है, जिससे लोगों को रात में ठिठुरना पड़ रहा है।