जिले में बुधवार की भोर व दोपहर बाद आई तेज धूल भरी आंधी से झुग्गी-झोपड़ी, टीन शेड उड़ गए। पेड़ जमींदोज हो गए। बिजली के तार पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। जबकि आम की फसल को लेकर किसान खासे चिंतित रहे। शहरी इलाकों सहित ग्राम्यांचलों में जगह-जगह पेड़ों के गिरने से आवागमन भी बाधित रहा। करीब एक घंटे तक धूल भरी आंधी चलने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
छानबे संवाददाता के अनुसार, विजयपुर, सिहावल, कामापुर, गोड़सर सहित दर्जनाें गांवों में मकानों व दूकानाें पर पेड़ गिरने से जहां काफी क्षति पहुंची वहीं बिजली के खंभाें पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। दर्जनाें गांवों में टीन शेड व छप्पर उड़ गए, वहीं सड़कों पर पेड़ गिरने से घंटो आवागमन बाधित रहा। कछवां संवाददाता के अनुसार, बुधवार को आई आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज आंधी से फलों के गिर जाने से किसानाें को काफी नुकसान हुआ। चेतगंज संवाददाता के अनुसार, तेज आंधी से चील्ह-औराई मार्ग, पुरजागीर के पेट्रोल टंकी के पास दो पेड़, चील्ह-गोपीगंज मार्ग के मवैया एवं चेतगंज गांव के पास सड़क पर पीपल का पेड़ जमींदोज हो गया।
लालगंज संवाददाता के अनुसार, आंधी से गांव कई पेड़ गिरेे। विंध्याचल संवाददाता के अनुसार शिवपुर व बेदऊर में कच्चे मकान पर नीम का पेड़ गिरने से हजाराें का नुकसान हुआ। अदलहाट संवाददाता के अनुसार, दर्जनाें गांवाें में पेड़ गिरे और टीन शेड उड़ गए। सीखड़ संवाददाता के अनुसार, तेज आंधी से कछवां-चुनार घाट राजमार्ग पर खानपुर के पास पीडब्लूडी का गेट के गिर जाने से आवागमन एक घंटे बाधित रहा।
पड़री संवाददाता के अनुसार ब्लाक परिसर में नीम का पेड़ गिरने से बाउंड्री वाल गिर गया, जिससे दर्जन भर बाइक क्षतिग्रस्त हो गए। इसी तरह जनपद के नरायनपुर, अहरौरा, जमालपुर, शेरवां, मड़िहान, हलिया, चील्ह, कैलहट आदि स्थानों पर आई तेज आंधी से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त रहा, आंधी से विद्युत पोल पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति ध्वस्त हो गई।