मिर्जापुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10 वीं के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने की नीति जारी कर दी है। विद्यालय के प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समिति इसका आधार तैयार करेगी।
इस बार कोरोना कहर के चलते सीबीएसई ने दसवीं की परीक्षा निरस्त कर दी है। इस कक्षा के विद्यार्थियों का आकलन कर उनको अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा। इसके लिए सीबीएसई ने सभी संबद्ध विद्यालयों को छात्र- छात्राओं की योग्यता के आकलन का निर्देश दिया है। इसके लिए विद्यालय में सात सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। इसमें पांच संबधित स्कूल के विषय विशेषज्ञ के रुप में रहेंगे जबकि दो सदस्य अन्य स्कूल के रहेंगे। बोर्ड के निर्देशन में गठित कमेटी विद्यालय के हिन्दी,अंग्रेजी, साइंस, गणित व सामाजिक विज्ञान आदि विषयों में छात्रों के यूनिट टेस्ट, अर्ध वार्षिक परीक्षा व प्री-बोर्ड परीक्षा आदि के अंकों के आधार पर आकलन करेगी। 80 अंकों के प्रश्नपत्र में 10 नंबर यूनिट टेस्ट, 30 नंबर अर्ध वार्षिक परीक्षा और 40 नम्बर प्री-बोर्ड परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर निर्णय करने के लिए कमेटी को अधिकृत किया गया है। सीबीएसई के सिटी को-आर्डिनेटर व लायंस स्कूल के प्रधानाचार्य डा.एनके पांडेय ने बताया कि जिन विद्यालयों में यूनिट टेस्ट या प्री-बोर्ड एक्जाम कोविड-19 के संक्रमण के चलते अभी तक नहीं हो सके हैं। उन्हें परीक्षा करवाने के लिए भी निर्देश दिये हैं। विद्यालय चाहे जूम एप या फिर अन्य माध्यम से परीक्षा करवा सकते हैं। सात सदस्यीय कमेटी को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से आकलन करने की सशर्त हिदायत दी गई है। किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर विद्यालय का रिजल्ट बोर्ड निरस्त भी कर सकता है।
रिजल्ट तैयार करने की मुख्य बातें
मिर्जापुर। 10 वीं के रिजल्ट तैयार करने के लिए संबधित स्कूल का पिछले तीन वर्षों (2018,2019 एवं 2020) के परीक्षा परिणाम को आधार बनाया जाएगा। अर्थात विज्ञान विषय में 2018 में औसत अंक 66 प्रतिशत, 2019 में 64 व 2020 में 68 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं, तो इन्हीें अंकों के आधार पर औसत रिजल्ट तैयार किये जाएंगे। सीबीएसई ने 10 वीं के छात्रों के वार्षिक परीक्षा तैयार करने की पालिसी जारी करने के साथ ही यह भी तय कर दिया है कि इसके लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य/चेयरमैन की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय कमेटी की बैठक कर उसमें आवश्यक डाक्यूमेंटस,प्री-बोर्ड आदि परीक्षा के अंक आदि देखे जाएंगे। विद्यालयों को 25 मई तक फाइनल रिजल्ट तैयार करना होगा। 28 मई को बनाये गए रिजल्ट को रि-चेक किया जाएगा। पांच जून तक तैयार रिजल्ट को बोर्ड भेजना होगा। रिजल्ट को बोर्ड 20 जून तक जारी कर सकता है।