मिर्जापुर। चुनार कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी जिस किशोरी के साथ वाराणसी के रामनगर में दुष्कर्म और दरिंदगी हुई उसका गुरुवार को सिविल जज जूनियर डिविजन मोना सिंह की अदालत में 164 का बयान दर्ज हुआ। बीते दिनों किशोरी अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग कर रामनगर थाने पहुंची थी। बयान दर्ज होने के बाद पुलिस मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई में जुटी है।
चुनार के गांव निवासी 15 वर्षीय किशोरी को एक युवती काम दिलाने के बहाने वाराणसी ले गई। वहां ब्यूटी पार्लर में रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। दो माह तक किशोरी चंगुल में रही। किशोरी को मारपीटा गया, जबरन नशा देकर उससे वेश्यावृत्ति कराई गई। इधर किशोरी के लापता होने पर 21 जून को उसके परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। 16 अगस्त को किशोरी ब्यूटी पार्लर से भाग कर वाराणसी के रामनगर थाने पहुंची। इसके बाद रामनगर पुलिस ने चुनार पुलिस को सूचना दी। चुनार पुलिस परिजनों को लेकर रामनगर पहुंची और किशोरी को लेकर आई। किशोरी का इलाज और मेडिकल कराया गया। स्वस्थ होने के बाद गुरुवार को किशोरी को सिविल जज जूनियर डिविजन की अदालत में पेश कर 164 का बयान दर्ज कराया गया। किशोरी के चचेरे भाई ने बताया कि गांव की आरोपी युवती उसे 15 जून की रात फोन कर घर के बाहर बुलाया। वहां आरोपी युवती के साथी ने किशोरी से दुष्कर्म किया और उसे वाराणसी लेकर चले गए। वाराणसी के रामनगर स्थित गोलाघाट में एक ब्यूटी पार्लर में रखकर उसके साथ दरिंदगी की गई। उसे नशा देकर दुर्ष्कम किया जाता रहा। विरोध करने पर पिटाई की गई। किशोरी के चचेरे भाई और अधिवक्ता ने बताया कि उसे सिगरेट, शराब आदि अन्य नशे का सेवन कराकर पार्लर में आने वाले लोगों के लिए सौंप दिया जाता। दो माह तक लगातार उसके साथ दरिंदगी की गई। किसी तरह से वह वहां से भाग कर पुलिस के पास पहुंची। थानाध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि पार्लर संचालिका और उसके एक साथी आशीष के खिलाफ अपहरण, पाक्सो एक्ट, दुष्कर्म आदि अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।