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उपभोक्ताओं की दुश्वारी जस की तस

Fri, 09 Dec 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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रमईपट्टी ‌िस्‍‌थत पंजाब नेशनल बैंक परिसर में रुपये निकालने के लिए खड़े ग्राहक।
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नोट बंदी के एक माह बाद भी बैंकों में हालात नहीं सुधरे हैं। बैंकों के बाहर और भीतर महीने भर बाद भी लाइन लगी और लोगों को मात्र कुछ पैसे लेकर  वापस लौटना पड़ा। कई स्थानों पर तो बैंकों में कैश नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नोटबंदी के कारण जेवरात, इलेक्ट्रानिक्स आइटम के दूकानदार हाथ पर हाथ रख कर बैठने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि रोजाना मजदूरी करने वालों को भी काम नहीं मिल    पा    रहा है। 
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कैश की समस्या रोजाना की तरह इस कदर सामने आई है कि मध्यम वर्गीय लोग परेशान हो गए हैं। बैंकों में पैसा होने के बाद भी लोगों को काफी सोच समझ कर पैसों का उपयोग करना पड़ रहा है। गुरुवार को रमईपट्टी स्थित पंजाब नेशनल बैंक मेें हालात बेकाबू होने की दशा में पहुंच गए थे। बैंक में कैश इतना कम था कि लोगों को एक दिन का खर्च भी नहीं मिल पाया। किसी ने एक हजार तो किसी ने दो हजार रुपये से काम चलाया।

कई लोग तो दो हजार रुपये पाने के बाद अगले दिन भी लाइन में लग जा रहे हैं। गुरुवार को रमईपट्टी के स्टेट बैंक में उपभोक्ता परेशान रहे। लालडिग्गी स्थित स्टेट बैँक कैश की कमी से दोपहर दो बजे ही बंद हो गया था। नगर के एटीएम हमेशा की तरह बंद रहे। बुधवार की रात कड़कड़ाती ठंड में मिशन कंपाउंड स्थित आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम लोगों को दो हजार रुपये दे रहा था लेकिन यहां भी 40 से 50 लोग लाइन में लगे नजर आए। 
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