नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में चर्चा की सूचना से महिलाओं में जबरदस्त उत्साह है। उनका मानना है कि इस अधिनियम से महिलाओं काे उनका वास्तविक हक मिलेगा जो अभी तक केवल घोषणाओं तक ही सीमित था। महिलाओं ने कहा कि इस अधिनियम से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी। यह देश समानता के सिद्धांत पर चलता है। हर वर्ग को उसका वास्तविक हक मिलता है। इस अधिनियम से नारियों को भी उनका हक संसद में भी मिल सकेगा। लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को समाप्त करने का साहस वंदनीय है। - ऊषा गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय कजरी गायिका ने कहा कि
यह अधिनियम समाज में नारी की स्थिति को मजबूत करेगा और उसके नेतृत्व क्षमता को भी प्रदर्शित करेगा। इसका लाभ अंतत: देश को ही होगा।
- नीलू सिंह, प्रगतिशील किसान ने कहा कि
महिला समाज की मजबूत कड़ी है। इनके विकास के यह अधिनियम अति आवश्यक था। इसके बिना न तो समाज का विकास हो सकता है और न ही किसी राष्ट्र का।
- निधि पटेल, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने कहा कि
नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। यह महिला उत्थान की दिशा में मिल का पत्थर साबित होगा। इससे महिलाओं को खुद को साबित करने का और मौका मिलेगा।
रितू भंडारी, शिक्षक ने कहा कि
नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने से राजनीति में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी। राजनीति में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी। लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।