नोटबंदी के 43 दिन बीत जाने के बाद नगर सहित ग्रामीण अंचलाें में जनमानस की राह सरल होती जा रही है। बुधवार को बैंकों पर उतने ग्राहक नहीं दिखे, जितने अन्य दिनों में दिखाई देते थे। नगर के कई एटीएम से रुपये निकलने से राहत जरूर मिली, लेकिन ग्राम्यांचलों में अब भी अधिकांश एटीएम खराब रहने से ग्राहक परेशान दिखे, जिस एटीएम से रुपये निकल रहे थे, वहां ग्राहकाें की लंबी कतार लगी रही।
विगत 43 दिन से नगर सहित जिले के ग्रामीण अंचलाें के बैंकाें एवं एटीएम पर ग्राहक पैसे के लिए कतार में खड़े रहे। बैंकाें एवं एटीएम की कतार में युवा, बुजुर्ग, महिलाएं भी घंटों खड़ी रहीं, जो अपनी बारी के आने का इंतजार करतीं रहीं। बुधवार को भी लोगों को अपने जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं मिल पाया। कई बैंकों में स्थिति अन्य दिनाें से बेहतर रही और ग्राहकों को कतार में कम देर तक खड़ा रहना पड़ा।
जिन लोगाें को जरूरत के मुताबिक पैसा नहीं मिल पाया, वह सरकार के फैसले को कोसते देखे गए। ग्राहकों का कहना है कि जब 43 दिनाें में स्थिति नहीं सुधरी तो हफ्ते भर में क्या सुधरेगी। नोटबंदी का असर वर्तमान समय में भी ग्रामीण अंचलाें में ज्यादा देखने को मिल रही है। शहराें की अपेक्षा ग्रामीण खाताधारकाें को अभी भी पर्याप्त रुपये का भुगतान बैंकों से नहीं हो पा रहा है। बुधवार को नगर के डंकीनगंज, रतनगंज, चौबेटोला, बेलतर, त्रिमोहानी, रमईपट्टी, धुंधी कटरा, वासलीगंज, स्टेशन रोड, रोडवेज, तहसील चौराहा, संकटमोचन मार्ग एवं बाजीराव कटरा सहित कई अन्य इलाकों में स्थित विभिन्न बैंकाें एवं एटीएम पर खाताधारक जुटे रहे।