नगर के ब्रम्हचारी कुआं के पास चल रहे दो दिवसीय अखिल भारतीय डाक कर्मचारी सेवा पोस्टमैन एवं एमटीएस (मल्टी टास्क) के 26वें प्रंातीय अधिवेशन का समापन रविवार को हुआ।
जिसमें डाक विभाग के निजीकरण का मुद्दा छाया रहा। डाककर्मियों ने निजीकरण का पुरजोर विरोध करते हुए छह मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।
डाक विभाग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाई।
दूसरे दिन अधिवेशन की शुरुआत जनरल सेक्रेटरी सीता लक्ष्मी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां जनविरोधी, गरीब विरोधी और कर्मचारी विरोधी हैं। अधिवेशन के अंतिम दिन सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि डाक विभाग को पांच भागों में बांटने का पुरजोर विरोध करते हैं।
साथ ही छह मई को डाक विभाग के कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का प्रस्ताव भी पारित किया। सेक्रेटरी जनरल आरएन परशर ने केंद्र सरकार की नीति का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार डाक विभाग को बांटना चाहती है। जिसके विरोध में कर्मचारी छह मई को हड़ताल कर विरोध करेंगे।
प्रांतीय मंत्री विक्रम शाह ने मजदूर आंदोलन के बारे में मौजूद लोगों को विस्तार से बताया। विशिष्ट अतिथि सलीम ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अडानी ग्रुप को अनाधिकारिक रूप से मदद कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की भी आलोचना की। अधिवेशन के दौरान विभिन्न प्रांतों और जिलों से आए डाक प्रतिनिधियों ने अपने अपने विचार रखे, साथ ही सुझाव भी दिया।
इस अवसर पर नवरत्न त्रिपाठी, रमाकांत गुप्ता, सुभाष मिश्रा, टीपी मिश्रा टीपी सिंह आदि मौजूद रहे।