इंटरनेट, मोबाइल, ईमेल के जमाने में डाककर्मी किसी भी व्यक्ति को संदेश या चिट्ठी पहुंचाने के लिए आज भी महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
लोग आज भी अपनी चिट्ठी के लिए डाकिए का इंतजार करते हैं। यह बातें जैनाथ भवन में अखिल भारतीय डाक कर्मचारी सेवा पोस्टमैन एवं एमटीएस (मल्टी टास्क स्कीम)के 26वें प्रांतीय अधिवेशन में शनिवार को मुख्य अतिथि भदोही के भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कही।
डाककर्मियों ने डाक विभाग को पांच विभागों में बांटने और निजीकरण की समस्या को भाजपा सांसद के समक्ष रखा। सांसद ने डाककर्मियों को डाक विभाग का निजीकरण नहीं करने के लिए उनकी बातों को संसद में उठाने का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही छह मई को डाककर्मियाें की होने वाले अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए रणनीति बनाई गई। सांसद ने कहा कि डाकिया बरसात, गर्मी और कड़ी धूप में लोगों के डाक को पहुंचाता है।
डाककर्मी को भी लोगों के डाक के महत्व को समझते हुए समय से डाक पहुंचाना चाहिए। जिससे लोगों को परेशानी नहीं होने पाए। उन्होंने कहा कि साढ़े छह लाख गांव अभी भी बैंकिंग सुविधा से वंचित हैं।
जिनके मनीआर्डर को डाक कर्मी पहुंचाने का कार्य करते हैं। इससे पूरे देश में लोगों को डाक कमियाें पर भरोसा है। सेक्रेटरी जनरल आरएन पराशर ने केंद्र सरकार की नीति का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि सरकार डाक विभाग को बांटना चाहती है। जिसके विरोध में कर्मचारी छह मई को हड़ताल कर विरोध करेंगे। सीता लक्ष्मी ने डाक विभाग की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दिया।
प्रांतीय मंत्री विक्रम शाह ने कहा कि मजदूर आंदोलन के बारे में मौजूद लोगों को विस्तार से बताया। छह फरवरी को होने वाले आंदोलन की रणनीति बनाई गई।
सांय कालीन सत्र में मड़िहान विधायक ललितेशपति त्रिपाठी अतिथि रहे। विधायक ने कहा कि डाककर्मियों के अंादोलन को नैतिक समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह खुद भी आंदोलन में भाग लेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल चौधरीे और संचालन अशोक तिवारी ने किया। इस अवसर पर नवरत्न त्रिपाठी, रमाकांत गुप्ता, सुभाष मिश्रा, टीपी मिश्रा, शेषमनि त्रिपाठी, विरेंद्र तिवारी, त्रिगुल सेन, टीपी सिंह आदि मौजूद रहे।