मिर्जापुर। अस्पताल मरीजों के इलाज के लिए होता है, परंतु मंडलीय अस्पताल परिसर में उड़ रही धूल लोगों को सांस रोगी बना रही है। अस्पताल में प्रवेश करते ही मरीजों को धूल का सामना करना पड़ रहा है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। परिसर में धीमी गति से निर्माण कार्य होने से समस्या बढ़ती जा रही है।
मंडलीय अस्पताल परिसर में दो माह से जल निगम की तरफ से सीवर की पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। कार्य की शुरुआत अस्पताल परिसर के पीछे से हुई। उस दौरान बारिश के चलते लोगाें को आने-जाने में समस्या थी। वहां काम होने के बाद सड़क बना दी गई। दो सप्ताह से अस्पताल परिसर के आगे की ओर खोदाई की गई है। इसके तहत ब्लड बैंक से लेकर अस्पताल परिसर के आगे से होते हुए पुलिस चौकी से ट्रॉमा सेंटर तक खोदाई की गई है। इसके चलते अस्पताल में प्रवेश करते ही लोगों को धूल का सामना करना पड़ रहा है। इस समय अस्पताल में एलर्जी और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में अस्पताल परिसर में उड़ रही धूल श्वास रोगियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है और बाकी लोगों को भी सांस रोगी बना रही है। गाड़ियां गुजरने पर धूल का गुब्बार उड़ने लगता है। यही धूल अस्पताल परिसर के अंदर पहुंच जा रही है। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ. तरुण सिंह का कहना है कि परिसर में उड़ रही धूल की समस्या के निपटारे के लिए पानी डलवाने के साथ ही जल निगम के इंजीनियर को बुलाया गया था। इंजीनियर को बताया गया कि धूल से मरीजों को समस्या हो रही है। काम जल्दी समाप्त कराने को कहा गया है। बताया गया कि तीन-चार दिन में काम पूरा होने के बाद सड़क बना दी जाएगी।