फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जारी खनन का खेल, प्रशासन फेल

Thu, 29 Jun 2017 12:22 AM IST
mirzapur
विज्ञापन
पहाड़ हो गया गड्ढा
विज्ञापन
सरकार बदलने के बावजूद जिले में अवैध खनन का खेल नहीं रुक रहा है। खनन माफिया जनपद के अहरौरा, चुनार, अदलहाट, मड़िहान, हलिया, लालगंज तथा छानबे के साथ ही साथ पहाड़ी ब्लॉक के कई इलाकों में बेरोकटोक खनन दिन रात कराने में लगे हुए हैं। मामले की जानकारी होने के बावजूद विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने की बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। जिसका नतीजा है कि अपनी सुंदरता एवं औषधियों के लिए विख्यात मिर्जापुर की पहाड़ियां खंडहर में तब्दील होती जा रही हैं।       
विज्ञापन

बता दें कि प्रदेश में सरकार किसी भी पार्टी की हो, खनन माफियाओं का दबदबा सभी सरकारों के कार्यकाल में रहता है। यहीं वजह है कि पिछले 20 वर्षों वर्षों से खनन माफिया अवैध खनन के खेल में काफी सक्रिय हैं। वह जनपद के अहरौरा, मड़िहान, अदलहाट, चुनार, छानबे, हलिया, लालगंज के हरी भरी पहाड़ियों को दिन दहाड़े ब्लास्टिंग कर  धड़ल्ले से खनन करा रहे हैं। प्रतिदिन लगभग पांच सौ ट्रक गिट्टी व पटिया पहाड़ों से निकाल कर बिना परमिट के सप्लाई कर रहे हैं। पहाड़ों को तोड़ कर उन्हें खोखला तो किया ही जा रहा है। कीमती लकड़ियों को भी नष्ट कराने का कार्य हो रहा है। इनपर अंकुश लगाने वाला कोई अधिकारी नहीं है। कभी कभी दबाव पड़ने पर अधिकारी खानापूर्ति करते हुए छापेमारी कर दो चार ट्रक या ट्रैक्टर को पकड़ कर सीज कर देते हैं, फिर शांत बैठ जाते हैं। ऐसे में खनन माफियाओं का हौसला बढ़ जाता है और वह फिर खनन शुरू करा देते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों की माने तो  अधिकारियों का बड़े बड़े माफियाओं के गिरेबान तक हाथ बढ़ाने पर उनको आंच जैसा लगता है।       
खनिज नियमावली में यह स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जिन स्थानों पर खनन का कार्य पूरा हो चुका है उन गड्ढों को मिट्टी व अन्य पत्थरों से भरा जाएगा लेकिन यहां किसी खननकर्ता को इसकी फिक्र नहीं है। गड्ढों में बरसात में पानी भर जाएगा। इनमें डूबने से बच्चों और पशुओं की मौत हो सकती है।
विज्ञापन

 अहरौरा के धुनिया, जिगना, बतगैइया, सोनपुर, बरई, बनइमिलिया, छातो, फुलवरिया,  पहाड़ी ब्लॉक के डगमगपुर, गोपालपुर, गहिरा, सुखनई, दाढ़ीराम, पहिती, लहौरा, चांदलेवा, मनोहरपुर, जरहा, सागर सेमर व मड़हा व भोजपुर पहाड़ी, हलिया के भैसोड़ बलाय पहाड़, सोनगढ़ा, बंजारी, सुखड़ा, अहुगी कला, सुबाव, लालगंज में रामपुर पहाड़ी, महुवरिया, लहंगपुर, करनपुर, छानबे में विजयपुर पहाड़ी, बरबटा, चतुरिया, जगथहवा, मड़िहान के देवरी पहाड़ी, दांती, दाढ़ीराम लहुरिया, मालपुर उमरिया, सरसो सेमरी, ददरी जंगल, मटिहानी, राजापुर ढेकवाह, बेदौली, गोपलपुर, पथरौर, सरसवां, गढ़वा, शेरूआ, कुस्महा, जुड़िया, धुरकर, गजरिया आदि स्थानों पर खनन माफिया अपने लोगों के माध्यम से अवैध खनन में जुटे रहते हैं। चर्चा के अनुसार अवैध खनन के खेल में लगभग सभी राजनैतिक दलों से संबंध रखने वाले रसूखदार लोग  शामिल हैं। सबसे अधिक गाजीपुर, बलिया, बनारस, आजमगढ़, चंदौली,  सोनभद्र आदि जनपदों के बड़े बड़े माफिया खनन कराने में लगे हुए हैं।       

वर्षों से जमे तीन लिपिक हटे       
खनिज विभाग में कई  वर्षों से से एक ही स्थान पर जमे तीन लिपिकों को हटा दिया गया। उनका स्थानांतरण बस्ती, बदायूं व भदोही किया गया है। इसमें विनोद राज का मिर्जापुर से बस्ती, कमलाशंकर उपाध्याय को मिर्जापुर से बदायूं तथा अनीता देेवी को मिर्जापुर से भदोही भेजा गया है। -आरबी सिंह, खनन अधिकारी      
जनपद में हो रहे अवैध खनन स्थलों को चिह्नित किया गया है। अवैध खनन को रोकने के लिए टीम बनाई गई है। गठित की गई टीम में खनन विभाग, पुलिस तथा राजस्व विभाग शामिल है। अगले कुछ दिनों में टीम जिले भर में अवैध खनन स्थलों पर छापेमारी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें