अग्निशमन विभाग की ओर से अग्नि सचेतक को आग से बचाव, आग लगने पर उसे बुझाने के लिए प्रयोग में आने वाले उपकरणों के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। हर सप्ताह 50 अग्नि सचेतक को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अग्निशमन विभाग में 800 के करीब पंजीकृत अग्नि सचेतक को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इनको प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
इसके बाद अग्नि सचेतक आग लगने की बड़ी घटना होने पर वाॅलेटियर की भूमिका निभा सकते है। साथ ही प्रमाण पत्र पर उनको बड़े संस्थानों में नौकरी भी मिल सकती है। जहां पर वह अग्निशमन उपकरण चलाने का काम करेंगे। बड़े प्रतिष्ठान हो या अस्पताल व शॉपिंग मॉल आग लगने पर उसे नियंत्रित करने या बुझाने के लिए विशेषज्ञ नहीं रहते। अग्निशमन शमन विभाग के जवानों को बुलाना पड़ता है। जब अग्निशमन विभाग की टीम पहुंचती है तब तक काफी नुकसान हो गया रहता है।
शासन के आदेश पर अग्निशमन विभाग अग्नि सचेतक को प्रशिक्षण दे रहा है। दो वर्ष पहले अग्निशमन विभाग में 800 अग्नि सचेतक को पंजीकरण किया गया था। शासन के आदेश पर उनको प्रक्षिक्षण दिया जा रहा है। इसमें उनको आग लगने पर क्या करना है। कैसे आग पर काबू पाना है। अग्निशमन उपकरण चलाने आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण देने के बाद प्रमाण पत्र दिया जाएगा। ये लोग वालेंटियर के रुप में रहेंगे। जिले में आग लगने की बड़ी घटना होने पर ये अग्नि सचेतक वालेंटियर की भूमिका में भी रहेंगे। प्रमाण पत्र के आधार पर बड़े संस्थानो में नौकरी भी मिल सकेगी।