फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: तीन जगह टूटा गड़ई नदी का तटबंध, स्कूल की चहारदीवारी गिरी

विज्ञापन
गड़ई नदी का तटबंध टूटने से स्कूल में भरा पानी। - फोटो : संवाद
विज्ञापन
जमालपुर। 12 घंटे में गड़ई नदी का तटबंध महोगनी जादोपुर गांव में एक जगह और भड़ेवल गांव में दो जगह पर टूट गया। इससे 500 बीघे से अधिक फसल जलमग्न हो गई। महोगनी जादोपुर गांव के पास शुक्रवार की देर रात गड़ई नदी का तटबंध टूट गया।
विज्ञापन

इससे सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई। सुबह जलमग्न फसलों को देखकर किसान आक्रोशित हो उठे। फसल क्षतिपूर्ति की मांग के लिए किसानों ने तटबंध के पास नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। तटबंध टूटने से प्राथमिक विद्यालय जादोपुर में बाढ़ का पानी भर गया। पानी के तेज बहाव के चलते विद्यालय के एक तरफ की चहारदीवारी गिर गई। बाढ़ के पानी से सैकड़ों एकड़ धान सहित अन्य फसल पानी में डूब गए।
वहीं, जादोपुर बियार बस्ती चारों तरफ से पानी से घिर गया। शनिवार की सुबह सूचना के बावजूद बंधी प्रखंड वाराणसी के अधिकारियों के मौके पर नहीं आने से नाराज और खराब हुई फसल का मुआवजा दिए जाने के लिए ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि यदि विभागीय अधिकारी तटबंध पर ध्यान दिए होते तो शायद वह न टूटता।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारी तटबंध की निगरानी नहीं कराते हैं। सूचना के बाद मौके पर अधिकारियों के नहीं आने से ग्रामीणों ने स्वयं मशक्कत कर किसी तरह से तटबंध को बांधने में सफलता पाई। गनीमत रही कि रात में बरसात नहीं हुई। कहा कि यदि बरसात हुई होती तो बाढ़ विकराल रूप धारण सकती थी।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, नर्मदेश्वर त्रिपाठी, लालजी प्रसाद बिंद, परशुराम मिश्रा, सचाऊ बिंद, गोपाल बिंद, संजय तिवारी, बृजेश तिवारी, अरूण सिंह, लल्लन बियार, रामलोचन बिंद आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें