-खेतों में गेहूं, सरसों, चना, मटर की फसल को नुकसान के साथ ही आम के बौर को भी खतरा
मिर्जापुर। मौसम के लगातार बदलते मिजाज से किसान चिंतित हैं। 21 मार्च के तीन दिन बाद सोमवार को फिर से 15 से 20 मिनट के लिए हुई बूंदाबांदी ने किसानों की नींद उड़ दी। हालांकि मंगलवार को छिटपुट बादलों को छोड़कर मौसम साफ रहा। धूप निकलने से 24 घंटे में अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान एक से तीन डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम में बारिश भले ही मक्के की फसल के लिए फायदेमंद हो लेकिन खेतों में तैयार गेहूं, सरसों, चना, मटर की फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसके साथ ही आम के बौर में लाही लगने का खतरा बढ़ गया है। सोमवार की रात हुई बूंदाबांदी से फसल की सुरक्षा के लिए किसान परेशान रहे।
मौसम वैज्ञानिक शिवमंगल सिंह ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उधर, मौसम में नमी और ठंडक के चलते किसान सरसों और आलू की फसल को तेजी से समेटने में लगे हुए हैं। हालांकि गेहूं की तैयार खड़ी फसल के लिए चिंता लगातार बनी हुई है। किसानों का कहना है कि यदि आगे भी इसी तरह बारिश होती रही तो गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है। जिला कृषि अधिकारी डॉ अवधेश कुमार यादव ने बताया कि अगर इसी तरह बारिश होती है तो गेहूं की फसल का नुकसान होना तय है। वहीं, मक्के की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी। मंगलवार को दिन में धूप होने पर किसान खेतों में पहलेे से काटकर पड़ी फसलों को समेटने में दिनभर जुटे रहे। जिगना, छानबे क्षेत्र में सोमवार रात बारिश से काट कर रखी गई सरसों, मटर, जौ और गेहूं की फसल भीग गई। दूसरी तरफ खेतों में गेहूं की कटाई भी प्रभावित हुई है। मंगलवार को धूप निकलने के बाद किसानों ने कुछ राहत महसूस की।
इनसेट
यदि इसी तरह से मौसम का मिजाज रहा तो गेहूूं के दानों की चमक फीकी पड़ जाएगी। साथ ही भूसे का भी नुकसान होगा। फसलों में नमी हो जाने से मशीन के कटाई थम गई है।
-पन्नालाल पटेल, खम्हरिया कला।
अभी तीन दिन पहले बारिश से किसान उबर नहीं पाए कि फिर से बूंदाबांदी से फसलों के साथ ही आम फसल को नुकसान हो रहा है। आम के बौर में लाही लगने से फल टूटकर गिर रहे हैंं।
-पंच बहादुर, जिगनाबारी।
वर्जन
आसमान में बादलों की आवाजाही बनीं रहेगी। इससे अधिकतम तामपमान में दो से तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। हवा की गति सामान्य रहेगी। आने वाले दो, तीन दिनों तक बारिश की कोई गुंजाइश नहीं है।
-शिवमंगल सिंह, मौसम वैज्ञानिक, ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी।