मिर्जापुर प्रयागराज मार्ग पर धूप में खड़ी पानी टैंकर, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। शारदीय नवरात्र मेले के पांच दिन बीत गए हैं। श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। कालीखोह से अष्टभुजा की दूरी 1.5 किलोमीटर है। नगर पालिका की ओर से पेयजल के लिए सिर्फ टैंकर लगाया है।
भीषण गर्मी में देवी भक्त बोतल बंद पानी खरीदने के लिए विवश हैं। नवरात्र के पहले मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने बैठक करके सभी विभागों को सचेत किया था कि नवरात्र में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं कर ली जाएं।
हाल यह है कि श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं।
गड्ढों में गिट्टी डालकर छोड़ दी गई
विंध्याचल मंदिर जाने वाली सभी प्रमुख सड़कें बदहाल हैं। गड्ढों में गिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। सड़क पूरी तरह से दुरुस्त नहीं हो पाई। सड़कों की हालत कई जगह इतनी खराब है कि बिखरी गिट्टियां त्रिकोण परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के पैरों में चुभ रही हैं। सामान्य दिनों में भले ही अव्यवस्था हो पर नवरात्र में भक्तों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद रहती है। जिला प्रशासन भी मेले की तैयारियों में दो महीने पहले से जुट जाता है। इस बार आधी-अधूरी तैयारियों के बीच मेला चल रहा है।
डामर डालकर हुई सिर्फ खानापूर्ति
शास्त्री पुल से विंध्यवासिनी मंदिर तक आने वाली सबसे पुरानी सड़क का हाल सबसे खराब है। कुछ दूरी तक कंकड़-पत्थर और मलबा से गुजरने के बाद महीनों में बनी आरसीसी रोड मिल जाती है।
कई टुकड़ों में बनी सड़क पर कहीं गड्ढे तो कहीं गिट्टियां उखड़ गई हैं। पटरी नहीं बनने से हमेशा दुर्घटना की आशंका रहती है। रोजाना सड़क के नीचे कोई न कोई चार पहिया वाहन उतर जा रहे हैं। दूधनाथ तिराहा के पास जगह-जगह गड्ढे हैं। कुछ गड्ढों में गिट्टी डालकर ऊपर से डामर का छिड़काव कर खानापूर्ति कर दी गई है।