विंध्याचल। चैत्र नवरात्र पर नौ दिनों से आस्थाधाम में डेरा जमाए श्रद्धालु दर्शन न मिलने से मायूस रहे। बुधवार को दूर से ही मां विंध्यवासिनी के पताके का दर्शन कर श्रद्धालु अपने घरों को लौट गए। कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के चलते मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन पूजन नवमी तक प्रतिबंधित रहा।
चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से विभिन्न होटल व धर्मशालाओं में डेरा जमाए श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी की साधना में लगे रहे। दुर्गा नवमी पर विभिन्न गंगाघाटों पर स्नान व ध्यान करने के बाद मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए हाथों में माला, फूल, नारियल, चुनरी व प्रसाद लेकर मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए निकल पड़े। विभिन्न रास्तो के जरिए वे मंदिर तक तो पहुंच गए। लेकिन मंदिर से पहले ही गलियों बैरिकेडिंग कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया था। पुलिस का कड़ा पहरा बैठा देख भक्तगण दूर से मां विंध्यवासिनी मंदिर पर लगे पताके का दर्शन कर वहीं से वापस हो गए। अधिकांश श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के पताके का दर्शन करने के पश्चात कालीखोह व अष्टभुजा भी पहुंचे। त्रिकोण मार्ग पर स्थित देवी और देवताओं के दर्शन न मिलने से वे मायूस दिखे।