मिर्जापुर। जिले को पूर्वांचल से जोड़ने वाले शास्त्री पुल के क्षतिग्रस्त पाथवे की मरम्मत का काम चार दिन बीतने के बाद भी शुरू नहीं किया जा सका है। क्षतिग्रस्त पाथवे की मरम्मत नहीं होने से भारी वाहन और रोडवेज की बसें पुल से आवागमन नहीं कर पा रही हैं। भारी वाहन और रोडवेज की बसें लंबी दूरी तय कर आवागमन कर रही हैं। इससे यात्रियों को भी समस्या हो रही है।
जिले को पूर्वांचल के आसपास के जिलों से जोड़ने वाले दुद्धी-लुंबिनी मार्ग पर स्थित शास्त्री पुल के पाथवे पर 22 जून को देर रात को बालू लादकर औराई की ओर जा रहा ट्रक चढ़ गया था। इससे पाथवे लगभग चार मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया था। 24 जून को दोपहर में मामला तूल पकड़ते देख प्रशासन की तरफ से पुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। हालांकि शाम को आवागमन शुरू कर दिया गया, लेकिन भारी वाहनों और रोडवेज की बसों आदि के आवागमन पर रोक लगा दी गई। पुल पर क्षतिग्रस्त पाथवे की बैरिकेडिंग कर उसे टिन के चादर से ढक दिया गया है। उधर, चार दिन बीतने के बाद भी पाथवे की मरम्मत का काम नहीं शुरू हो सका है। इससे भारी वाहनों को लंबी दूरी तय कर आवागमन करना पड़ रहा है।