मिर्जापुर। विंध्याचल थाना में साल 1994 में दर्ज मारपीट के एक मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने तीन दोषियों को दंडित न कर सदाचार पर छह-छह महीने के लिए छोड़ा है।
18 जनवरी 1994 को विंध्याचल थाने में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने श्यामदेव, रामलोचन, परमेश्वर व रमेश्वर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। मुकदमा चलने के दौरान रामलोचन की मौत हो गई।
सरकारी अधिवक्ता ने तीन आरोपियों पर दोष साबित होने पर कठोर दंड देने की अपील की। तीनों दाेषियों के अधिवक्ता ने कहा कि तीनों की उम्र 75 वर्ष से अधिक है। गरीब मजदूर है। घर के अकेले कमाने वाले है।
इनकी स्थिति को देखते हुए परीवीक्षा अधिनियम का लाभ दिया जाए। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार सिंह ने श्यामदेव, परमेश्वर व रमेश्वर का दंडित न करके छह-छह माह की सदाचार के परिवीक्षा पर छोड़ा।
20-20 हजार के व्यक्तिगत बंध पत्र जिला प्रोवेशन अधिकारी के समक्ष एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के शर्त पर छोड़ा।