नगर के बरियाघाट पर फैली गंदगी, स्रोत संवाद
मिर्जापुर। तीन दिवसीय डाला छठ पर्व के समापन के दो दिन बाद भी गंगा घाटों पर गंदगी पसरी है। नगरपालिका इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। घाटों के किनारे फूल-मालाओं के ढेर हैं। पूजन सामग्री पानी में तैर रही है।
मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद डाला छठ पर्व का समापन हो गया। नगर पालिका की लापरवाही के कारण प्रमुख 30 घाटों का हाल-बेहाल है। बरियाघाट, पक्का घाट, सुंदर घाट, फतहां घाट, कचहरी घाट के साथ ही विंध्याचल के दीवानघाट, गुदाराघाट व अन्य घाटों पर इसी प्रकार की स्थिति है। इन घाटों पर फूल-मालाओं के साथ ही पॉलिथीन के पैकेट, दोना पत्तल व कहीं-कहीं पर कपड़े पड़े हैं। घाटों की सीढि़यों पर फैली गंदगी तो प्रतिदिन स्नान करने वालों ने साफकर दिया है। कूड़ों को इकट्ठा कर घाट पर ही एक तरफ लगा दिया गया है। लेकिन घाट के किनारे पानी में जो कूड़ा तैर रहा है। उसकी सफाई नहीं हो सकी है। ऐसे ही घाटों पर श्रद्धालु आकर बैठ रहे हैं और आचमन भी कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर के ईओ जी लाल ने बताया कि अभी पर्व के पहले अभियान चलाकर सफाई कराई गई थी। अब पुन: सफाई कराई जाएगी। अभी सीढि़यों की सफाई कराई गई है।
चुनार में भी यही स्थिति
चुनार। चुनार में बहरामगंज बावनजी घाट, बालूघाट, संतोषी माता मंदिर घाट व रामघाट आदि जगहों पर छठ पूजा का आयोजन किया गया था। इन सभी जगहों पर फूल माला के ढेर पड़े हैं। अन्य प्रकार की गंदगियां भी घाटों पर पसरी हैं। प्रतिदिन स्नान करने वालों को इससे परेशानी हो रही है। घाटों की सीढि़यों की गंदगी तो स्नान करने वालों ने साफ कर दिया लेकिन पानी की गंदगी बची है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विजय कुमार यादव ने बताया कि सफाईकर्मी लगातार ड्यूटी दे रहे थे। अब पुन: अभियान चलाकर घाटों की सफाई कराई जाएगी।