नगर के प्रमुख दवा कारोबारी रोहिताश पाल हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या की साजिश के आरोप में तीन व्यवसायियों को जेल भेज दिया है। इस खुलासे के बाद लोगों का आक्रोश थोड़ा शांत तो हुआ है लेकिन कई सवाल भी उठने लगे है।
चट्टी चौराहों पर बृहस्पतिवार को चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। कालीमहाल चौराहे पर भी चाय की दुकानों पर लोग कह रहे थे कि मामले में पुलिस पहले शूटर को पकड़ती थी और बाद में साजिशकर्ताओं तक पुलिस पहुंचती थी लेकिन यहां पुलिस साजिशकर्ताओं को पहले पकड़ लिया और शूटर का पता ही नहीं।
हर किसी के मन में एक ही सवाल कौंध रहा था कि वाकई में ये लोग प्रॉपर्टी के लिए किसी की हत्या करवा सकते हैं । हालांकि शूटर की पहचान नहीं होने से लोगों के जेहन में साजिशकर्ताओं और शूटर के बीच संबंधों को लेकर सवाल कौंध रहा है। बुधवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे नगर के गल्लामंडी चौराहे पर लोग चाय और नाश्ते की दुकानों पर मामले की चर्चा करते रहे। यहां मनोज जायसवाल की बड़ी सी बिल्डिंग को देखकर लोग चर्चा करते नजर आए।
लोग चर्चा कर रहे थे कि क्या वाकई में भानु, मनोज और ओमप्रकाश ने रोहिताश की हत्या करवाई होगी। मनोज के एक परिचित ने कहा कि भईया ई विश्वास ना होत हव की मनोज हत्या करवा सकेलन लेकिन का करबा पुलिस जवन कहत है ओके सबके माने के पड़ी। संवाद