फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: जिस सड़क से आते-जाते हैं डीएम और एसपी, वही है खराब

विज्ञापन
हलिया के दिघिया मोड़ से नदना तक सड़क गड्ढे में तब्दील फोटो, स्रोत संवाद
विज्ञापन
मिर्जापुर। जिले की सभी सड़कों की हालत दयनीय है। जिस सड़क से डीएम, एसपी व जिले के अन्य अधिकारी प्रतिदिन आते-जाते हैं, उसकी भी हालत खस्ती है। शारदीय नवरात्र मेले के ठीक पहले सड़क के गड्ढों में गिट्टी भरी गई थी जो अब बिखर गई है। आवागमन के दौरान सड़कों पर धुल उड़ रही है।
विज्ञापन

शहर के प्रमुख मार्ग की बात करें तो दोमुहिया पीडब्ल्यूडी कार्यालय फतहां, कचहरी, जिला मुख्यालय और रमईपट्टी से पुलिस लाइन होते हुए रेलवे स्टेशन तक जाने वाली सड़क जर्रज है। पीडब्ल्यूडी कार्यलय से होते हुए फतहां, मोर्चाघर, घोड़े शहीद, कचहरी मार्ग से डीएम-एसपी प्रतिदिन आते-जाते हैं। इसी सड़क पर पीडब्ल्यूडी कार्यालय भी है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता का भी इसी सड़क से आना-जाना होता है। फिर भी इस सड़क की हालत दयनीय है। रमईपट्टी से शुक्लहा होते हुए स्टेशन रोड, संगमोहाल मार्ग पर भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं। तहसील चौराहा से महुवरिया, गिरधर चौराहा जाने वाली सड़क भी गड्ढे में तब्दील है।

पीडब्ल्यूडी जल निगम पर फोड़ता है ठिकरा
शहर की जो सड़कें खराब हैं पीडब्ल्यूडी उसके लिए जल निगम पर ठिकरा फोड़ती है। जल निगम ने पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खोदाई की थी। इस कारण सड़क पर गड्ढे हो रहे हैं। इस सड़क को बनाने का काम भी जल निगम को ही कराना है।
विज्ञापन



विंध्यधाम जाने वाली सड़क का हाल बदहाल, दर्शनार्थियों को हो रही है समस्या
धार्मिक और पर्यटन के दृष्टिकोण से विंध्यधाम जिले का प्रमुख स्थान है। कॉरिडोर बनने के बाद से दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ गई है। विंध्यधाम जाने वाले मार्ग की हालत दयनीय है। शास्त्री पुल से विंध्याचल मंदिर जाने वाला मार्ग, लोहिया तालाब जाने वाली सड़क में सिर्फ गड्ढे ही गड्ढे हैं। इससे दर्शनार्थियों को परेशानी होती है। लगभग छह किलोमीटर लंबी सड़क में कुछ स्थान को छोड़ दिया जाए तो विंध्याचल मंदिर तक जाने वाली सभी सड़कें खराब हैं।


तीन किलोमीटर लंबी सड़क में दो किलोमीटर का निर्माण अधूरा
शहर की सबसे खराब सड़क रमईपट्टी से अर्जुनपुर मार्ग है। यह सड़क चार साल से खराब है। मरम्मत का काम शुरू हुआ तो लोगों में उम्मीद जगी लेकिन रमईपट्टी से पक्का पोखरा तक सड़क बनी। उसके बाद दो किलोमीटर का निर्माण अधूरा है।

दिघिया से नदना मोड़ तक नहीं जा सकती है एंबुलेंस
हलिया। हलिया के मतवार, कुशियरा, सगरा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। इन सड़कों पर एंबुलेंस भी नहीं जा सकती है। 15 किलोमीटर की सड़क चलने लायक नहीं है। सड़क नहीं बनने के कारण हर्रा, गरेर, नंदना, सगरा, पड़री, मझिगवां, परसिया, नौडिहा, मतवरिया, बेलाही, कुशियरा, मतवार आदि गांव के लोग परेशान हैं।

दो महीने पहले मरम्मत और चौड़ीकरण का भेजा गया था प्रस्ताव
पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड और निर्माण खंड की ओर से दो महीने पहले सड़कों के मरम्मत और चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें प्रांतीय खंड में 70 सड़कों के मरम्मत और दो प्रमुख मार्ग भरुहना से मेडिकल कॉलेज और रमईपट्टी कनौरा घाट मार्ग का चौड़ी करण होना है। निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एके पांडेय ने बताया कि चुनार व मड़िहान क्षेत्र के 53 विशेष सड़कों की मरम्मत होनी है। इसमें 64 किलोमीटर लंबे मार्ग को 19 करोड़ पांच लाख 61 हजार से बनाया जाना है। तीन सड़कों का चौड़ीकरण होना है। इसमें एनएच -7 से टैकोर चुनार 4.59 किमी को 35 करोड़ 64 लाख से सात मीटर चौड़ा किया जाना है। लालगंज कलवारी से हरदी मिश्र गढ़वा 12.70 लंबे मार्ग को 27 करोड़ 92 लाख रुपये से साढ़े पांच मीटर चौड़ा किया जाना है। मगरहा सीखड़ से हासीपुर आठ किलोमीटर लंबे मार्ग को 26 करोड़ 85 लाख से साढ़े तीन से साढ़े पांच मीटर चौड़ा किया जाना है।
वर्जन

प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण करने के लिए दो महीने पहले प्रस्ताव भेजा गया था। एक सप्ताह में स्वीकृति मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद मरम्मत के लिए बजट मिल जाएगा।
विज्ञापन

एके पांडेय, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें