लालगंज। तहसील क्षेत्र के तिलांव नंबर एक गांव में सत्तू मुसहर को डोली- खटोली से इलाज के लिए ले जानेे के मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने मामले की त्रिस्तरीय जांच के आदेश दिए। इसके बाद एसडीएम लालगंज, सीएमओ और एंबुलेंस सेवा से जुड़े अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की और अपनी रिपोर्ट डीएम को दी।
रिपोर्ट के अनुसार जांच में पाया गया कि बीमार सत्तू के परिजनों को इस योजना की जानकारी ही नहीं थी। उन्हें पता ही नहीं था कि फोन काल पर एंबुलेंस बुलाई जाती है। उनके पास मोबाइल भी नहीं था। जांच में मिला तथ्य साबित करता है कि शासन की योजनाओं का लाभ तो दूर इनकी जानकारी भी अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रही है।
जागा प्रशासन, बस्ती में पहुंचे एसडीएम और चिकित्सक
मरीज को डोली-खटोली में चिकित्सक के यहां ले जाने का मामला
सत्तू के घर जा कर ली स्वास्थ्य की जानकारी, सरकार की योजनाओं के बाबत बताया
लालगंज। तहसील क्षेत्र के तिलांव नंबर एक गांव में सत्तू मुसहर को डोली- खटोली पर निजी चिकित्सक के यहां ले जानेे की खबर के प्रकाशन पर प्रशासन जागा। डीएम के संज्ञान लेने पर शनिवार की सुबह एसडीएम के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम सत्तू के घर पहुंची।
एसडीएम अमित शुक्ला ने सत्तू के परिजनों से मिलकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। वहां मौजूद लोगों से कहा कि बीमार होने पर एंबुलेंस की सुविधा हर समय उपलब्ध है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य समेत लोक कल्याणकारी योजनाएं हर घर तक पहुंच रही हैं। उधर, सीएमओ के निर्देश पर सीएचसी लालगंज और हलिया के अधीक्षक डा संजय सिंह और अभिषेक जायसवाल की टीम बस्ती में पहुंची और सत्तू के स्वास्थ्य की जानकारी ली। चिकित्सकों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में बच्चों, महिलाओं, पुरुषों के उपचार करने की पूरी व्यवस्था है। मरीज को घर से ले जाने के लिए एंबुलेंस सेवा 24 घंटे है। परिजनों ने बताया कि उनके पास न तो मोबाइल है और आने जाने के लिए आधुनिक साधन इसलिए सत्तू के बीमार होने पर चारपाई से ले गए थे।
प्रियंका गांधी ने कहा कहीं यूपी सरकार एनएसए न लगा दे
मिर्जापुर। सत्तू मुसहर की खबर का संज्ञान लेते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट किया कि डर है कि कहीं इस सच्चाई को सामने लाने वालों के खिलाफ यूपी सरकार एनएसए न लगा दे। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए प्रदेश में तैयारी हो चुकी है। मीटिंगों का दौर जारी है। दिल्ली, मुंबई, बंगलौर सब जगह झूठे प्रचार की होर्डिंग लग चुकी है कि यूपी में सब चंगा सी। लेकिन मिर्जापुर से आई यह तस्वीर उत्तर प्रदेेश सरकार के सिस्टम की हकीकत बयां करती है। सत्तू मुसहर दर्द से कराह रहे थे लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें एंबुलेंस नहीं मिली। उनके परिजन कड़ी धूप में आठ किमी चलकर अस्पताल लेकर गए।