म्यूजिक और कार्टून वाली राखियों ने बच्चों को लुभा रही है, रुद्राक्ष-मोती वाली राखियों की भी खूब मांग
मिर्जापुर। रक्षाबंधन करीब आते ही बाजारों में राखियों की रौनक बढ़ गई है। सोमवार को दुकानों पर सजी रंग-बिरंगी राखियां भाई-बहन के इस खास पर्व की तैयारी का एहसास करा रही हैं। दूर बसे भाइयों के लिए राखी की खरीदारी में बहनें जुटी रहीं।
नगर के त्रिमोहानी मार्ग, धुंधीकटरा, सिविल लाइन, रमईपट्टी, शुक्लहा, महुवरिया, लालडिग्गी आदि प्रमुख बाजारों में राखियों से दुकानें सज गई हैं। इस बार पारंपरिक रेशमी डोर के साथ एलईडी, म्यूजिक और कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं। खासकर बच्चों में इन आधुनिक राखियों को लेकर खूब उत्साह है। बहनें भाई की पसंद और उम्र के हिसाब से राखियां पसंद कर रही हैं। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां खूब पसंद की जा रही हैं, वहीं युवाओं के लिए नए और आकर्षक डिजाइन बाजार में आए हैं। रोशनी और म्यूजिक वाली राखियां भी ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही हैं। सराफा कारोबारियों के यहां 300 रुपये में चांदी की राखी बेची जा रही है।
रुद्राक्ष और धार्मिक प्रतीकों वाली राखियां भी पसंद
आधुनिक राखियों के बीच पारंपरिक रेशमी राखियों की मांग कम नहीं हुई है। मोती, नग, रुद्राक्ष और धार्मिक प्रतीकों से सजी राखियां ग्राहकों को खासा पसंद आ रही हैं। कारोबारियों के अनुसार, अलग-अलग कीमतों में राखियां उपलब्ध होने से हर बजट के खरीदार आसानी से अपनी पसंद की राखी चुन रहे हैं।
राखी के थोक व फुटकर कारोबारी मंसूर भाई व रमेश कुमार ने बताया कि इस बार बाजार में कई नए डिजाइन आए हैं। बच्चों और युवाओं में आधुनिक राखियों का क्रेज है, लेकिन रेशमी राखियों की बिक्री भी अच्छी है। बाजार में आधुनिकता की चमक बढ़ी है, मगर भाई की कलाई पर बंधने वाली रेशम की डोर आज भी रक्षाबंधन की सबसे खास पहचान बनी हुई है।