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बजट में मध्य वर्ग को पूरी तरह किया उपेक्षित

Tue, 01 Mar 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
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 बजट भविष्य के लिए है वर्तमान समय के लिए इसमे कुछ भी नहीं है। सड़कों, ग्रामीण विकास की परिकल्पना तो अच्छी है लेकिन मध्यम वर्ग पूरी तरह से उपेक्षित है।
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कौशल विकास योजना यदि फलीभूत हुई तो बेरोजगारी को दूर करने में यह योजना बड़ा कदम होगा। इसके लिए सरकार ने बजट में प्रावधान किया है। ये बातें आम बजट के बाद नगर के प्रबुद्धजनों ने अमर उजाला से बातचीत में कहीं।

चार्टड एकाउंटेंट आलोक कुमार कटारे ने कहा कि बजट में ग्रामीण विकास, खेती, फसल बीमा योजना आदि उत्साह बढ़ाने वाला है। इस बजट को देख कर ऐसा लगता है कि यह विकासपरक है लेकिन इसका लाभ तत्काल नहीं मिलने वाला है। बैंकों में एनपीए बढ़ गया है। इसका काफी नुकसान होगा।
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टैक्स स्लैब में  कोई सुधार नहीं किया गया है। छोटे कारोबारियों को रिलैक्स नहीं मिला है। जीडी बिनानी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह बजट सुधारवादी है।

इनकम टैक्स का स्लैब न बढ़ा कर कोई गलत नहीं किया गया है। लग्जरी आइटमों पर कर बढ़ाना पैसा जुटाने के लिए अच्छा कदम है। मनरेगा में सुधार की आवश्यकता है।

इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। परंतु इसका सही ढंग से उपयोग होना आवश्यक है। केबी कालेज के अर्थशास्त्र के प्रवक्ता डा. आशीष श्रीवास्तव बजट को आशानुरुप नहीं बता रहे हैं। उनका कहना है इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे इसको लुभावना नहीं कहा जा सकता है।

इकोनामी को आगे ले जाने के लिए बजट अवश्य लांगटर्म लाभकारी है। प्रधानमंत्री की सोच को आगे बढाने के लिए बजट में काफी काम किया गया है। व्यापारी नितिन अग्रवाल का मानना है कि यह बजट स्पेशल नहीं है। मात्र तीन हजार की छूट मध्यम वर्ग की पेट भरने वाला नही है।

बीपीएल परिवारों के लिए  एलपीजी कनेक्शन अच्छा कदम है। व्यापारियों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। युवा नीतीश अग्रवाल कहते हैं कि कौशल विकास के लिए 1804 करोड़ देने का सरकार ने जो नीति बनाई है उसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।

इससे निश्चित तौर पर बेरोजगारी में कमी आएगी। तंबाकू पर ड्यूटी बढ़ाना अच्छी बात है। केबीपीजी कालेज की प्रवक्ता डा. सुनीता त्रिपाठी ने कहा कि यह बजट जनता के लिए नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के मन के अनुकूल है।

सर्विस टैक्स और सरचार्ज बढ़ा कर जनता के सिर पर बोझ लादा गया है। घर, कार, गहना खरीदना स्वपभन जैसा हो गया है।
राजकीय बालिका इंटर कालेज की प्रधानाचार्या अनीता यादव ने कहा कि खुले में शौच से मुुक्त गांवोें को पुरस्कार देना प्रगतिशील कदम साबित होगा। इससे जागरुकता बढ़ेगी। बीपीएल परिवारो ंको एलपीजी सुविधा देने से उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
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