मिर्जापुर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम जितेंद्र कुमार मिश्रा की अदालत ने बुधवार को दुष्कर्म के दो मामलों की सुनवाई करते हुए आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। इसमें पहला मामला शहर कोवताली क्षेत्र का है, जिसमें युवक ने युवती को नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। दूसरा मामला जिगना थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां अपहृत युवक के साथ अपहरणकर्ताओं ने अप्राकृतिक दुष्कर्म किया था।
शहर कोवतवाली क्षेत्र निवासी एक युवक ने युवती को दिल्ली में नौकरी दिलाने के नाम पर 26 जून 2018 को दुष्कर्म किया। मामले में युवती की तहरीर पर पुलिस ने 18 नवंबर 2019 को आरोपी अमित मणि त्रिपाठी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में आरोपी अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में जमानत अर्जी दिया था। अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सच्चिदानंद तिवारी ने जमानत का कड़ा विरोध किया और पक्ष रखा कि आरोपी जमानत के बाद साक्ष्य को प्रभावित करेगा। साथ ही उसके भागने की भी आशंका है। इस पर न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। दूसरा मामला जिगना थाना क्षेत्र के जरैला गांव का है। वहां पर खेत में खोदाई के दौरान सोना मिलने की चर्चा रही। सोने को लेकर कुछ लोगों ने एक युवक का दिसंबर 2018 में अपहरण कर लिया था। अपहरणकर्ता सोने की मांग को लेकर उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म करते थे। कई दिन बाद जब पुलिस अपहरणकर्ताओं के अड्डे तक पहुंची तो सभी अपह्रत युवक को छोड़ कर भाग गए। पुलिस ने युवक का मेडिकल और बयान कराया तो पता चला कि अपहरणकर्ता उसके साथ अप्राकृृतिक दुष्कर्म करते थे। मामले में पुलिस ने सलमान पुत्र सलीम को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। आरोपी सलीम ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायलय में जमानत अर्जी दिया था। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध किया। अधिवक्ताओं की दलील और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए न्यायालय ने उसकी जमानत अर्जी निरस्त कर दी।