24 घंटे में दो डिग्री अधिकतम तापमान बढ़ा, एक डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान बढ़ा
मिर्जापुर। जिले में 24 घंटे में तीन डिग्री तापमान बढ़ने के बाद भी पूरे दिन बादलों की आवाजाही ने गर्मी का एहसास नहीं होने दिया। मौसम खुशनुमा होने के कारण बाजार में चहल पहल रही। बृहस्पतिवार को लोगों को तेज धूप से राहत मिली, हालांकि अधिकतम तापमान में दो डिग्री और न्यूनतम मापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। कुछ क्षेत्रों में बादलों के बीच चली हल्की हवाओं ने मौसम को खुशगवार बनाए रखा।
मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को अधिकतम 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि बुधवार को अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस था। सुबह और शाम बादलों के कारण मौसम अपेक्षाकृत खुशनुमा रहा। धूप से राहत मिलने का असर शहर के बाजारों में भी दिखा। वासलीगंज, घंटाघर, बसनई बाजार और त्रिमुहानी समेत प्रमुख बाजारों में अन्य दिनों की तुलना में अधिक चहल-पहल रही। सहालग सीजन में इलेक्ट्रॉनिक, बर्तन, कपड़े और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर भीड़ उमड़ी। इससे व्यापारियों में भी उत्साह बना रहा। ग्रामीण मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के मौसम वैज्ञानिक शिव मंगल सिंह ने बताया कि अगले एक-दो दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है। बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन तेज बारिश के आसार नहीं हैं।
इनसेट
मई में पिछले पांच दिनों के तापमान की स्थिति
दिनांक- अधिकतम न्यूनतम
3 मई 2026- 36 25
4 मई 2026- 33 22
5 मई 2026- 31 20
6 मई 2026- 33 20
7 मई 2026- 35 21
-तापमान डिग्री सेल्सियस में।
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बदलते मौसम से किसान चिंतित
फोटो- 22 व 23
संवाद न्यूज एजेंसी
शेरवां। बदलते मौसम ने किसानों को चिंता बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह से कभी तेज धूप, कभी गर्मी तो कभी बारिश और ठंड जैसे मौसम ने खेती किसानी का काम बाधित है। मौसम का असर गेहूं के भूसे को सुरक्षित रखने से लेकर शादी-विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों तक पर दिखाई दे रहा है।
अप्रैल में तेज गर्मी और तापमान में बढ़ोतरी के बाद मई में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने अगैती खेती की तैयारी कर रहे किसानों को असमंजस में डाल दिया है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बादल और बारिश से खेतों की स्थिति स्थिर नहीं हो पा रही है। मौसम के जानकारों का कहना है कि अप्रैल, मई और जून में सामान्यतः तेज गर्मी, लू और तपिश पड़ती है। इससे खेतों में दरार तक पड़ जाती है, लेकिन इस बार मौसम बिल्कुल विपरीत है। बृहस्पतिवार को जेष्ठ मास की कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि पर भी दिनभर बादल छाए रहे। बुजुर्ग किसानों का कहना है कि वर्षों पहले ऐसा मौसम देखने को मिलता था, जब लोग कहते थे कि “आधा जेठ आषाढ़ कहावे।” उनका मानना है कि इस बार मौसम किसानों के लिए शुभ संकेत नहीं दे रहा है। बदलते मौसम के कारण कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश और रात में ठंड जैसी स्थिति बन रही है। मौसम का कोई निश्चित क्रम नहीं दिख रहा है। धान की नर्सरी की बोआई को लेकर भी असमंजस बना हुआ है, क्योंकि समय पर पर्याप्त बारिश को लेकर संशय है।
क्या कहते हैं किसान
जेष्ठ मास में मौसम में हो रहा उतार-चढ़ाव आने वाले समय में किसानों के लिए शुभ संकेत नहीं है। मई महीने में इस तरह का मौसम कभी नहीं रहा। आंधी-पानी आने के बाद मौसम खुल जाता रहा।
-मंगला सिंह, किसान, हरदी सहजनी।
मौसम किसानों के साथ छल कर रहा है। मौसम के मिजाज को देखते हुए मूंग, उड़द और ढैचा जैसी फसलों की खेती करने के साथ धान का मोह छोड़कर मोटे अनाजों की तरफ देना चाहिए।
-रमेश सिंह, किसान, भदावल