मौसम का मिजाज पिछले दिनों से बदल रहा है। चौबीस घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड बढ़ गई है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।लोग गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकल रहे हैं।
बुधवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। बुधवार को सुबह और शाम कोहरा छाया रहा। मॉर्निंग वॉक के लिए जाने वाले लोगों को कठिनाई हुई। दिन भर धूप रही। धूप खिलने के बाद भी लोग गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकले। शाम करीब चार बजे से फिर धुंध छाने लगी। सूरज ढलने के बाद गलन शुरु हो गई। शाम सात बजे के बाद बाजार में सन्नाटा छा गया। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा भू-भौतिकी विभाग बीएचयू वाराणसी के तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिवमंगल सिंह ने बताया आने वाले दिनों में और भी तापमान गिरेगा, जिससे ठंडक बढ़ने की संभावना है। ठंड से ग्रामीण क्षेत्रों में चट्टी और चौराहों पर राहगीर ठंड में सुबह और शाम ठिठुर रहे हैं। कहीं पर अलाव तक की व्यवस्था नहीं है। ठंड के चलते चट्टी और चौराहाें पर शाम होते ही सन्नाटा छा जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत की तरफ से राज्य वित्त से अलाव जलवाने चाहिए लेकिन कही पर भी अलाव नजर नहीं आ रहा है। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार ने बताया सभी एडीओ पंचायत के माध्यम से सचिवों को अलाव जलवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। ग्राम पंचायत राज्य वित्त मद से सार्वजनिक स्थानों पर जरुरत के हिसाब से अलाव की व्यवस्था कर सकती है।