पटेहरा। मड़िहान थाना क्षेत्र के करौंदा गांव निवासी बालिका की झोलाछाप के उपचार के चलते हालत बिगड़ने पर परिजन मंडलीय अस्पताल लेकर आए। जब वे मंडलीय अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सकों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया।
क्षेत्र निवासी नंदलाल की 16 वर्षीय पुत्री नीलम के पेट में शनिवार शाम अचानक दर्द होने लगा। इस पर परिजन उसे दीपनगर स्थित एक क्लीनिक में ले गए। जहां दो दिन इलाज करने के बाद किशोरी की हालत बिगड़ने पर झोलाछाप ने इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन किशोरी को पटेहरा पीएचसी ले गए। जहां से उसे मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंडलीय अस्पताल पहुंचने पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि गलत इलाज से नीलम की मौत हुई है। मृतका की मां रेणू ने बताया कि रविवार शाम जैसे ही डॉक्टर ने सुई लगाई। नीलम का दर्द अचानक बढ़ गया। वह दर्द से चीखने चिल्लाने लगी। इसके बाद रात 12 बजे के बाद झोलाछाप ने इलाज करने से मना कर दिया। आनन फानन में परिजन पटेहरा पीएचसी ले गए। वहां से मंडलीय अस्पताल लाने पर डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।