शिक्षकों से बातचीत करते बीएसए मनभरन।
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परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को जिलाधिकारी कंचन वर्मा के सामने शुक्रवार को लेसन प्लान के साथ पढ़ाना था, लेकिन दोपहर दो बजे तक इंतजार करने के बावजूद भी शिक्षकों को डीएम के सामने पढ़ाने का मौका नहीं मिला। डीएम बैठक में व्यस्त रही। देर होने पर उन्होंने पांच शिक्षकों को बुलाकर कार्यालय में पढ़वाने का कोरम पूरा कर लिया। इसके बाद बीएसए अमरनाथ सिंह ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि शिक्षक प्रत्येक विषय में एक और दो पाठ को तैयार कर लें बाद में परीक्षण होगा। इस पर नाराज शिक्षक हंगामा करने लगे।
जिलाधिकारी कंचन वर्मा जिले में तैनाती के बाद से ही परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके पूर्व जिलाधिकारी ने जनपद स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता की जांच करा चुकी है। वहीं परिषदीय परीक्षा के दौरान हिंदी, अंग्रेजी, गणित व विज्ञान विषय की परीक्षा भी जनपद स्तरीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में पहली बार कराया है। नया सत्र शुरु होने के पूर्व भी डीएम शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुट गई है।
बीते सत्र की प्रगति जानने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को बच्चों की रिपोर्ट कार्ड के साथ शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बुलाया। लेकिन शुक्रवार को शिक्षकों को काफी निराशा हाथ लगी। शिक्षक डीएम के सामने पढ़ाने का इंतजार करते रहे, लेकिन बैठक में व्यस्त डीएम ने पांच शिक्षकों को बुलाकर कोरम पूरा कर छोड़ दिया। जिससे शिक्षकों में खासी नाराजगी दिखी। इस दौरान बीईओ अतुलदत्त तिवारी, प्रदीप मिश्रा, संजय यादव, मनोज यादव, राजेश वैश्य मौजूद रहे।