उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकाें ने पहले दिन कापी मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया। बहिष्कार और धरना प्रदर्शन के कारण तीनों केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य आरंभ नहीं हो सका। शिक्षकों ने सरकार के तानाशाही रवैए की कड़ी निंदा की। शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हैं।
जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार जब तक वित्तविहीन शिक्षकों की मांगों को पूरा नहीं करती है, तब तक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।
शिक्षक राजेंद्र तिवारी ने कहा कि इस बार शिक्षक आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। रविंद्रनाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षक विरोधी है।
सरकार शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण नहीं कर रही है। मनोज सिंह ने कहा कि सरकार के रवैए से शिक्षकों में रोष व्याप्त है।
दिनेश श्रीवास्तव ने कहा कि सपा सरकार ने चुनाव के दौरान वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय देनेे का वादा किया था। लेकिन सरकार द्वारा वित्तविहीन शिक्षकों से किए गए वादे को अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
राजेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने व्यावसायिक शिक्षकों तथा तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण नहीं किया है। धरना प्रदर्शन में दिनेश कनौजिया, रघुराज सिंह, महेंद्र प्रताप यादव, अरुण कुमार, मनोज सिंह, प्रमोद पाठक, विनोद कुमार आदि शामिल रहे।