जीवन में हर तरह से हर स्तर पर टैक्स अत्यंत आवश्यक है। टैक्स और मृत्यु इस युग में दोनों चीजें बिल्कुल सत्य हैं। कर संग्रहण की संरचना सरल होनी चाहिए।
जिसे आम आदमी सरलता से समझ सके। यह बातें मुसफ्फरगंज में कर अधिवक्ता एसोसिएशन के हीरक जयंती समारोह में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी ने कही।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था का हीरक जयंती समारोह एक अभूतपूर्व कार्यक्रम होता है।
विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सीनियर एडवोकेट भरत अग्रवाल ने संगोष्ठी के आयकर और वाणिज्य कर विषयों पर विश्लेषण करते हुए उस पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को आगे आकर अपने दायित्व का निर्वहन जिम्मेदारी से करना चाहिए। मुख्य अतिथि ने हीरक जयंती पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया।
मुख्य अतिथि ने अवनीश कुशवाहा सहित अन्य को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। हीरक जयंती समारोह के कार्यक्रम संयोजक जगदीश प्रसाद मैनी ने कर अधिवक्ता एसोसिएशन के इतिहास और उसकी उपलब्धियों के बारे में बताया।
स्वागत समिति के अध्यक्ष कपूरचंद्र ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान वीएन राय, अशोक कुमार, मोहम्मद मोइद्दीन, भरत जी अग्रवाल, अतुल जायसवाल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार मैनी ने किया।