बरियाघाट पर अपने पित्रों को पिंड दान देते लोग, स्रोत संवाद
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मिर्जापुर। आश्विन मास की अमावस्या तिथि पर लोगों ने खोवा और जौ के आटे का पिंड बनाकर पिंडदान किया। इसके बाद पितरों की विदाई की। पितृ विसर्जन पर रविवार को शहर से गांव तक के गंगा घाटों, तालाबों, पोखरों, सरोवरों पर पिंडदान के लिए भीड़ रही। बरियाघाट, रामगया घाट, नारघाट, पक्काघाट, संकठाघाट, बाबाघाट, कचहरी घाट पर दोपहर तक पिंडदान चलता रहा।
गंगा उस पार चील्ह, कमासिन, गहिया, हरसिंहपुर, गड़गेड़ी आदि घाटों पर भी तर्पण के लिए लोगों की भीड़ रही। कई घाटों पर बैरिकेडिंग नहीं होने से स्नान करने में श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
चंडिका घाट की सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालु परेशान रहे।
रामगया घाट मार्ग पर अतिक्रमण से परेशान रहे श्रद्धालु
शिवपुर फाटक बंद होने से रविवार को श्रद्धालु रेलओवर ब्रिज और पटेगरा नाला के रास्ते रामगया घाट पहुंच रहे थे। जगह-जगह अस्थाई वाहन स्टैंड व सड़क के किनारे हुए अतिक्रमण के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी।