ब्लॉक सभागार में बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम सचिवों, प्रधानों और रोजगार सेवकों को निर्देशित किया गया कि हर पौधे की जिम्मेदारी तय करते हुए सामाजिक सहयोग से देखभाल की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं।
खंड विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि बुधवार को हुए पौधरोपण में विकासखंड स्तर पर 166392 पौधे रोपे गए थे। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद असली चुनौती उनकी सुरक्षा और जीवित रखना है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर पौधों की निगरानी कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधे की सुरक्षा मानकों के अनुसार की जानी है। इसमें ट्री गार्ड, घेरा बनाना, समय से सिंचाई, पशु एवं अन्य नुकसान से बचाव के उपाय प्रमुख हैं। बैठक में स्पष्ट किया गया कि ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक पौधों की स्थिति की नियमित समीक्षा करेंगे। बीडीओ ने कहा कि संकल्प को केवल औपचारिक न मानकर व्यवहार में उतारना होगा। गांव-गांव में रोपे गए पौधों की परवरिश सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अभियान की सफलता पौधों की जीवित संख्या से तय होगी केवल गिनती से नहीं।उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में पौधों का अलग रजिस्टर तैयार कर उसमें सिंचाई, सुरक्षा, वृद्धि आदि की स्थिति दर्ज की जाएगी। ब्लॉक स्तर से भी निरीक्षण दल गठित कर निगरानी की जाएगी। बैठक में एडीओ पंचायत अजय शंकर,संजय पांडेय ,भारतेंदु राव,कृष्ण लाल, अनिरुद्ध तिवारी, जितेंद्र विंद,पूजा गुप्ता, महेंद्र सैनी, सहायक कृषि अधिकारी संजय पटेल ,डॉ संजय सिंह , विमलेश चंद्र मिश्रा शामिल रहे।