अयोध्या के स्वामी जीयर करपात्री महाराज ने सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर कई प्रहार किए। बोले- भाजपा सरकार में मंत्री पद पर रहते हुए मलाई काटते समय वह इस तरह का बयान क्यों नहीं दिए। वहां से हट गए तो उनकी हवा निकल रही है। यह लोग टीआरपी बढ़ाना चाहते हैं। कहा कि अगर कृष्ण की बड़ी बहन माता विंध्यवासिनी न होती, न कृष्ण होते, न महाभारत होता और न ही गीता होती।
विंध्याचल धाम पहुंचे अयोध्या के स्वामी जीयर करपात्री महाराज ने सनातन संस्कृति पर किए जा रहे हमले को मानसिक दिवालियापन बताया। कहा सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का डीएनए टेस्ट कराया जाए। साथ ही मिर्जापुर का नाम विंध्याचलपुरम करने की मांग भी की। उन्होंने विंध्याचल आगमन के दौरान पत्रकारों से यह बात कही। कहा कि इसके लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में मंत्री पद पर रहते हुए मलाई काटते समय वह इस तरह का बयान क्यों नहीं दिए। वहाँ से हट गए तो उनकी हवा निकल रही है। यह लोग टीआरपी बढ़ाना चाहते हैं। कहा कि अगर कृष्ण की बड़ी बहन माता विंध्यवासिनी न होती, न कृष्ण होते, न महाभारत होता और न ही गीता होती।
स्वामी जीयर करपात्री महराज ने कहा कि सनातन संस्कृति सदैव अहिंसावादी रहा है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर किये जा रहे घेराबंदी की निंदा की। कहा कि बालक धीरेंद्र अच्छा काम कर रहा है। भगवान चमत्कार नहीं आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि हमारी माता विंध्यवासिनी में आस्था है । सनातन धर्म के लिए चमत्कार की आवश्यकता नहीं है।
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स्वामी प्रसाद मौर्या के बयान को उनका मानसिक खोखलापन बताया। माता विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन करने के बाद करपात्री महाराज ने मिर्जापुर का नाम विंध्याचल पुरम कर देना चाहिए। जिसके लिए वह सीएम से मुलाकात करने के साथ ही पत्र भी देंगे । कहा कि जब फैजाबाद का नाम बदल कर अयोध्या और इलाहाबाद का प्रयागराज हो सकता है । तो मिर्जापुर को विंध्याचल पुरम क्यों नहीं किया जा सकता ।