चुनार। यथार्थ गीता के प्रणेता स्वामी अड़गड़ानंद महाराज कोरोना से उबरने के बाद 48 दिनों बाद शुक्रवार की सायं 4:57 बजे सक्तेशगढ़ आश्रम में उनका हेलीकॉप्टर उतरा। हेलीकॉप्टर से उतरते ही भारी संख्या में उपस्थित भक्त व अनुयाई महाराज की एक झलक पाने के लिए लालायित रहे। अड़गड़ानंद महाराज पिछले महीने कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद वह स्वास्थ्य लाभ के लिए फरीदाबाद स्थित आश्रम चले गए थे।
इस संबंध में व्यवस्था का मुआयना करने के लिए वृहस्पतिवार की शाम से ही प्रशासनिक अधिकारी उनके आश्रम पहुंचे गए थे। जहां उन्होंने आश्रम के वरिष्ठ संत नारद महाराज से उनके आगमन के संबंध में जानकारी ली। सितंबर महीने की 13 तारीख को स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए फरीदाबाद स्थित आश्रम गए अड़गड़ानंद महाराज का उड़नखटोला फरीदाबाद से शुक्रवार को पूर्वाह्न 10 बजे उड़ान भरा और लखनऊ आकर ईंधन लेने के बाद अपराह्न सक्तेशगढ़ आश्रम स्थित हेलीपैड पर उनका हेलीकाप्टर उतरा। हेलीकॉप्टर से उतरते ही भारी संख्या में उनके भक्तों व अनुयाई महाराज का दर्शन पाने के लिए लालायित रहे। स्वामी का हेलीकॉप्टर से उतरते ही वहां उपस्थित ज्यादातर भक्तों ने पटाखों, ढोल नगाड़ा के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। परमहंस आश्रम में सुरक्षा की दृष्टि से सीओ सुशील कुमार यादव, चुनार थानाध्यक्ष, सक्तेशगढ़ चौकी प्रभारी संतोष सिंह, सहित भारी संख्या में पुलिस बल व पीएसी की बटालियन कैंपस में मौजूद रही।
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कोरोना महामारी समाप्त नहीं हुआ है, इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है: स्वामी अड़गडानंद महाराज
चुनार। फरीदाबाद स्थित अपने आश्रम से बेहतर स्वास्थ्य लाभ के बाद एक माह, 17 दिन बाद शुक्रवार की शाम सक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम में पहुंचे स्वामी अड़गडानंद महाराज ने साधु संतों व भक्तों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि अभी कोरोना महामारी समाप्त नहीं हुआ है, इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है, सभी लोग सोशल डिस्टेंस का पालन करें एवं मास्क लगाकर ही कहीं आएं और जाएं स्वामी जी ने प्रवचन करते हुए कहा कि हर हिंदू के पास अपना धर्म ग्रंथ होना चाहिए। उन्होंने कहा धर्म के बारे में तमाम भ्रांतियां है, लेकिन इसे यथार्थ गीता का अध्ययन कर दूर किया जा सकता है। कहा कि सत्य के रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए। भगवान को प्राप्त करने के लिए एकमात्र गीता का ज्ञान ही ऐसी मुख्य चीज है जो सही रास्ते पर चलने की सीख देता है। प्रवचन के दौरान आश्रम के वरिष्ठ संत नारद महाराज, लाले बाबा, सोहन बाबा, तानसेन बाबा सहित अन्य आश्रम के साधु संत उपस्थित रहे।