मिर्जापुर। जिले के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर की न केवल किल्लत दूर हो गई बल्कि जिले में पहुंची लिक्विड ऑक्सीजन से अगले कुछ दिनों के लिए स्टाक भी तैयार किया जा रहा है। मंडलीय अस्पताल समेत अन्य निजी अस्पताल जहां पर कोविड के मरीज भर्ती थे ऑक्सीजन की समस्या से निजात मिल गई है। कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र और जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार के अथक प्रयास से जिले के स्वास्थ्य महकमे से जुड़े लोगों के साथ ही मरीजों के परिजनों ने राहत की सांस ली है।
जिले में ऑक्सीजन प्लांट पर बृहस्पतिवार की रात को जमशेदपुर से चला लिक्विड ऑक्सीजन पहुंच गया। इसके बाद दूसरे कंपनी के टैंकर से प्लांट में लिक्विड ऑक्सीजन निकालने की दिक्कत आ गई। शुक्रवार की शाम आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र और डीएम के प्रयास से इस समस्या का भी निराकरण कर लिया गया। जिसके बाद शाम को प्लांट से 130 जंबो सिलिंडर की आपूर्ति की गई।
जिले में पिछले दो दिनों से ऑक्सीजन की कमी होने को लेकर संकट के बादल मंडरा रहे थे। बुधवार की शाम को मात्र 16 घंटे का ही ऑक्सीजन बचा था। बरौधा स्थित काव्या इंड्रस्ट्री में लिक्विड खत्म होने से ऑक्सीजन का निर्माण नहीं हो पा रहा था। इसके बाद आयुक्त और डीएम ने प्रयास किया। जिसके बाद बृहस्पतिवार को रामनगर के सिलिंडर आया। जिससे कोविड अस्पताल का बैकअप बरकरार रहा, पर समस्या से पूर्ण रुप से निजात नहीं मिली थी। बृहस्पतिवार की देर रात को जमशेदपुर से चला लिक्विड ऑक्सीजन का टैंकर प्लांट पर आ गया। टैँंकर तो प्लांट से आ गया, पर टैंकर से लिक्विड निकालने की समस्या उत्पन्न हो गई।
50 सिलिंडर मंडलीय अस्पताल, 35 ट्रामा सेंटर को मिले
प्लांट प्रभारी डा. निलय ने बताया कि प्लांट आईनाक्स कंपनी का है, टैंकर लिंडे कंपनी का आया था। टैंकर के कपलिंग वाल्व को खोलने में समस्या आ रही थी। जिसके बाद मंडल आयुक्त के प्रयास से कपलिंग को खोला गया। शाम तक 130 सिलिंडर तैयार किया गया। इसमें 50 सिलिंडर मंडलीय अस्पताल, 35 ट्रामा सेंटर कोविड के एल-टू अस्पताल, पांच विंध्याचल एल-टू अस्पताल और अन्य निजी अस्पताल में भेजा गया है। जितना लिक्विड आया है। उससे लगभग सवा तीन सौ जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर तैयार होगा।