नगर के पक्काघाट स्थित चौक पर आया गंगा का पानी।
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जिले में 16 अगस्त से लगातार बढ़ रही गंगा जन्माष्टमी के दिन गुरुवार की सुबह से घटने लगी। शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 78.430 मीटर पर आ गया। हालांकि खतरे के निशान 77.724 से अभी भी गंगा ऊपर बह रही हैं। एक सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रहे जलस्तर की जानकारी होने पर अधिकारियों व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि एक सप्ताह से जिले भर में तबाही मचाने के बाद जन्माष्टमी के दिन गंगा धीरे धीरे शंात होने लगी। हालांकि खतरे के निशान 77.724 सेंटीमीटर से अभी भी गंगा ऊपर बह रही है।
गुरुवार की सुबह से घट रही गंगा बुधवार की रात दस बजे तक 78.550 सेंटीमीटर तक पहुंच गई थी। लेकिन जैसे ही जन्माष्टमी के दिन की सुबह हुई वैसे ही गंगा शांत होनेे लगी और उनके जलस्तर में लगातार गिरावट आने लगी। सुबह करीब आठ बजे जलस्तर घट कर 78.490 हो गया। दोपहर एक बजे तक यह और घट कर 78.460 हो गया। शाम पांच बजे तो काफी घट गई और 78.430 जलस्तर नीचे पहुंच गया।
एक सेंटीमीटर की रफ्तार से घट रही गंगा की जानकारी होने पर जिले के आला अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं एक सप्ताह से दिन रात खतरे की आशंका जताते हुए जाग रहे छानबे, कोन, सिटी, मझवां, पहाड़ी, सीखड़, नरायनपुर तथा जमालपुर ब्लाकों के लोगों ने दिल की धड़कनें सामान्य होने लगी हैं।