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Mirzapur News: 26 घंटे चला छात्रों का प्रदर्शन, जांच कमेटी बनने पर समाप्त हुआ धरना

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बीएचयू ​स्थित प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठे छात्र व छात्राएं, स्रोत संवाद
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मिर्जापुर। हार्ट अटैक आने के बाद उपचार नहीं मिलने पर बीएससी के छात्र अनिल मीणा (23) की मौत के बाद बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में मंगलवार से चल रहा छात्रों का धरना 26 घंटे बाद जांच कमेटी बनने के बाद बुधवार की शाम सात बजे समाप्त हुआ। परिसर में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था, मुआवजा और कार्रवाई की मांग के लिए मंगलवार की शाम पांच बजे से छात्रों का धरना शुरू हुआ जो रात भर चला। सुबह आठ बजे छात्र माने तो मिर्जापुर-सोनभद्र हाईवे पर जाम में फंसे वाहनों को निकाला गया। एक घंटे बाद छात्र फिर से सड़क पर बैठ गए। इससे मिर्जापुर-सोनभद्र मार्ग पर 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। छात्रों का प्रतिनिधि मंडल वाराणसी में कुलपति से मिलने के लिए रवाना हुआ तब 11 बजे छात्र सड़क से हटकर प्रशासनिक भवन के पास धरने पर बैठ गए।
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दोबारा धरने पर बैठे छात्र
शाम पांच बजे जब छात्रों का प्रतिनिधि मंडल वापस लौटा तो छात्र फिर से धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि जांच कमेटी बनने का आदेश दिखाया जाए। इसके बाद डीएम पवन कुमार गंगवार और एसएसपी सोमेन बर्मा पहुंचे। छात्रों को जांच कमेटी बनाने की जानकारी दी। आदेश पत्र देखने के बाद बाद शाम सात बजे छात्रों ने धरना समाप्त किया।
ये थी छात्रों की मांग
मृत छात्र के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
परिवार को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
परिसर में एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती की जाए।
दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
यह था मामला
राजस्थान के कोटा जिले के वियलदा कमलदा गांव निवासी छात्र अनिल मीणा (23) बीएचयू के बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में बीएससी एजी के तृतीय वर्ष के छात्र थे। मंगलवार की सुबह सीने में दर्द होने पर साथी छात्र उपचार के लिए परिसर के हेल्थ सेंटर में ले गए। जहां से मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान छात्र की मौत हो गई।
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बनाई गई दो जांच कमेटी, एक मौत और दूसरी स्वास्थ्य व्यवस्था की देगी रिपोर्ट
छात्र अनिल मीणा की मौत के मामले में दक्षिणी परिसर के छात्रों का एक प्रतिनिधि मंडल आचार्य प्रभारी डॉ. वीके मिश्रा के साथ वाराणसी में कुलपति से मिलने पहुंचा। जहां छात्रों ने अपनी बात रखी। डिप्टी चीफ प्रॉक्टर मनोज मिश्रा ने बताया कि कुलपति ने दो जांच कमेटी बनाई गई है। एक कमेटी जांच करेगी कि छात्र की मौत कैसे हुई। इसमें डॉक्टर दोषी हैं या नहीं। किस कारण से छात्र की मौत हुई है। दूसरी कमेटी राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में स्वास्थ्य सुविधा की जांच करेगी। इसमें सीएमओ, आईएमएस के डॉक्टरों को शामिल किया गया है। जांच कमेटी में छात्रों के प्रतिनिधि मंडल से छात्रों को शामिल किया गया है।
तीन साल में पहली बार आए पुत्र का शव लेकर जना पड़ रहा
छात्र अनिल की मौत के बाद परिजन बुधवार की दोपहर मिर्जापुर पहुंचे। ममेरे भाई दिनेश ने बताया कि अनिल दो भाई में बड़ा था। छोटा भाई अभिषेक कोटा में नीट की तैयारी कर रहा है। अनिल को पहले से कोई समस्या नहीं थी। पिता खेती करते हैं। तीन साल से उनका पुत्र यहां था। पहली बार यहां आए तो पुत्र का शव लेकर जाना पड़ रहा है। पिता महावीर, मामा ब्रज मोहन, मामा का बेटा मनोज व दिनेश राजस्थान से आए थे। शाम 6 बजे पोस्टमार्टम होने के बाद शव लेकर एंबुलेंस से राजस्थान के लिए रवाना हुए।
छात्रों का आरोप स्वास्थ्य सुविधा की कमी के कारण गई जान
दक्षिणी परिसर के छात्र अंकित और अभिनव का आरोप है कि परिसर के हेल्थ सेंटर में सिर्फ आयुर्वेद के डॉक्टर के भरोसे इलाज होता है। अनिल को सोमवार को सीने में दर्द उठा था। उसे पेन किलर दिया गया। पेन किलर से आराम हो गया तो हॉस्टल भेज दिया गया। डॉक्टर ने दर्द का कारण जानने का प्रयास नहीं किया। अगले दिन मंगलवार को फिर दर्द उठने पर पैरासिटामॉल दिया गया।
परिसर में नहीं हैं ये सुविधाएं
दो एंबुलेंस है पर ऑक्सीजन नहीं है।
रविवार को कोई डॉक्टर नहीं रहता है।
परिसर में कोई मेडिकल स्टोर नहीं है।
परिसर में एआरवी और एंटी वेनम नहीं है।


मौत पर शोकसभा नहीं हुई परीक्षा कराया गया
दक्षिण परिसर के छात्रों का आरोप है कि छात्र की मौत होने के बाद शोक सभा होना चाहिए पर ऐसा नहीं हुआ। छात्र रात भर धरने पर बैठे रहे। इसके बाद भी परीक्षा स्थगित नहीं हुई। बुधवार को वीवोक के छात्रों की परीक्षा हुई।

मंडलीय अस्पताल में 40 मिनट हुआ उपचार, नहीं बचा सके जान
छात्र अनिल की मौत पर मंडलीय अस्पताल के स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्र अंकित और अभिवन का आरोप है कि मंडलीय अस्पताल पहुंचने के बाद 40 मिनट तक उपचार हुआ। वहां भी कारडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इस कारण छात्र की मौत हो गई। वहां के डॉक्टर भी नहीं समझ सके कि छात्र को हार्ट अटैक आया है।

छात्रों का प्रतिनिधि मंडल कुलपति से मिला है। उन्होंने दो जांच कमेटी बनाई है। एक छात्र के मौत मामले की जांच करेगी और दूसरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर रिपोर्ट देगी। जांच कमेटी बनाए जाने की जानकारी देने के बाद शाम को सात बजे छात्रों का धरना समाप्त हो गया है।
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प्रो. वीके मिश्रा, आचार्य प्रभारी, दक्षिणी परिसर
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