मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला खनिज समिति की बैठक हुयी। बैठक में जिलाधिकारी ने जिला खनन अधिकारी व बैठक में उपस्थित खनिज व्यवसायियों के पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि किसी भी खनिज स्थल पर यदि बिना चहारदीवारी और सीसी कैमरा के खनन करते हुये पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
डीएम ने कहा कि ओवर लोडिंग तथा बिना परिवहन प्रपत्र एमएम-11 के खनिजों के परिवहन पर पूर्णत: रोक लगायी जाये। यदि निरीक्षण के दौरान ऐसा कहीं पाया जाता है तो संबंधित वाहन के साथ-साथ जहां से रवन्ना जारी किया गया है, उसके भी विरुद्ध भी कार्रवाई की जायेगी। कहा कि 100 घन मीटर से कम उप खनिज के भंडारण के लिये केवल पोर्टल पर पंजीकरण कराना हो उसके लिये किसी परमिट की आवश्यकता नहीं होगी लेकिन 100 घन मीटर से ज्यादा खनिजों के भंडारण के लिए परमिट लेना अनिवार्य होगा। खनिजों के परिवहन के लिए विभागीय पोर्टल पर वाहनों के पंजीकरण अवश्य करा लें। बैठक में यह भी बताया गया कि भूमिधरी कृषि की ऐसी भूमि जिस पर बाढ़ आदि के कारण खेतों में बालू आ जाता है और उस भूमि पर कृृषक के द्वारा पिछले पांच वर्ष से खेती की जा रही है, तो बालू को निकालने के लिये उस किसान के नाम से परमिट जारी किया जायेगा। उपखनिजों के परिवहन की सुगमता हेतु वाहनों पर माइन टैग लगाये जाने का भी निर्देश दिया गया। बताया गया कि खनिज क्षेत्र में खनिज से प्रभावित गांवों एवं क्षेत्रों में खनिज मद से 25 हैंडपंप तथा भगवती देई स्कूल में चहारदीवारी का भी कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा 10 अन्य स्कूलों में चहारदीवारी, पेयजल, एमडीएम में बच्चों के खाना खाने के लिये शेड, हैंडवाश सहित अन्य कार्य कराये जाने पर विचार किया गया। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी, अपर जिलाधिकारी यूपी सिंह, जिला खान अधिकारी, एआरटीओ के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।