नगर में अभी तक स्ट्रीट वेंडर्स को कोई जगह नहीं मिल सकी है। उनके लिए वेंडिंग जोन बनाने का आदेश हवा हवाई साबित हो रहा है। इस संबंध में शासनादेश के बाद भी अभी तक स्ट्रीट वेंडरों के लिए जगह की तलाश नहीं की जा सकी है।
नगर क्षेत्र में घंटाघर, मुकेरी बाजार, स्टेशन रोड, रामबाग, शुक्लहा, भरूहना, पीलीकोठी, संगमोहाल व तेलियागंज आदि मोहल्लों में बाजार हैं। यहां बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स रहते हैं। विशेषकर मुकेरी बाजार व घंटाघर में तो सब्जी विक्रेताओं की काफी संख्या है। एक शासनादेश के तहत टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन कर इनके लिए निश्चित क्षेत्र व स्थान का चयन कर इनको वहां स्थानांतरित करने की बात कही गई है। नगर में पथ विक्रेताओं को कई बार बल प्रयोग कर हटाया जा चुका है। कई बार उन्होंने प्रदर्शन भी किया, लेकिन किसी निर्णय पर नहीं पहुंचने के कारण अब तक इस मामले को नहीं सुलझाया जा सका है। पथ विक्रेताओं की एक ही मांग है कि यदि उनको उस स्थान से हटाया जा रहा है तो कम से कम यह तो बताया जाय कि उनको दुकान के लिए कहां जगह दी जा रही है। उधर, वेंडिंग जोन का निर्धारण नहीं होने से बाजारों में एवं अन्य जगहों पर जाम की समस्या आए दिन पैदा होती है। जगह निर्धारित नहीं होने से ठेला व खोमचा वाले एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण करते हैं। इससे कई बाजारों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
उधर, नगर पालिका मिर्जापुर क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 18 स्थान चिह्नित किए गए हैं, लेकिन अभी वहां पर अवस्थापना संबंधी कार्य नहीं हो सके हैं। सूत्रों के मुताबिक इन जगहों पर मात्र 12 सौ को ही अवस्थापित किया जा सकता है। प्रथम चरण का जो सर्वे हुआ था, उसमें 3957 लोग चिह्नित किए गए थे, लेकिन पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक ऐसे सात हजार 46 लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। ऐसे में यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि चिह्नित जगहों पर 12 सौ लोगों को व्यवस्था दे भी दी गई, तो शेष लोगों का क्या होगा। समस्या तो ज्यों की त्यों बनी रहेगी। बताया जा रहा है कि सर्वे में शामिल लोग नगर के बाहर जाना नहीं चाहते। वे नगर में ही रह कर व्यवसाय करना चाहते हैं। इससे समस्या और भी बढ़ती जा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ओमप्रकाश का कहना है कि सभी पथ विक्रेताओं को चिह्नित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है। इसके लिए दो दिन पहले पथ विक्रेताओं के संगठन के अध्यक्ष से वार्ता भी हुई है। अभी उनका निर्णय प्राप्त नहीं हुआ है।