अब अपराधियों की खैर नहीं होगी। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ने कदम उठा लिया है। उन्होंने समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि दस वर्ष से आपराधिक घटनाओं में शामिल अपराधियों का सत्यापन करे। इस दौरान मिनी हिस्ट्रीशीटर फार्म भरे। जिसमें अपराधी का नाम, पता ,उम्र, व्यवसाय, शौक्षिक योग्यता, मोबाइल नंबर, पहचान चिन्ह के अलावा उनका आपराधिक इतिहास के आकड़े को भी दर्ज करे। सयात्पन के दौरान वह आपराधिक घटनाओं में शामिल पाए जाते है तो उनकी फाइल खोलते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।
पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने समस्त थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारी को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्र में चोरी, नकबजनी, लूट, हत्यादि गंभीर अपराधों में शामिल अपराधी का सत्यापन करे। पता करे कि वह जेल में है या जमानत पर छूटे है या फिर घटना के समय से ही फरार चल रहे हैं। ऐसे लोगों का रिकार्ड दिए गए फार्म में दर्ज करे। जिमसें उनका नाम, पता, उम्र, क्या कर रहे हैं, शैक्षिक योग्यता, मोबाइल नंबर तथा पहचान चिन्ह के अलावा उसके अपराधिक रिकार्ड को अंकन करे। उनकी वर्तमान गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए। अगर किसी की किसी अपराध में सलिप्तता पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उसके आपराधिक इतिहास को भी खोला जाए।