मिर्जापुर। नमामि गंगे परियोजना के डायरेक्टर जनरल बृजेंद्र स्वरूप ने मंगलवार को नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन दो एसटीपी का काम अविलंब पूरा कराकर 31 मार्च तक गंगा में नालों का गिरना बंद करने की हिदायत दी। उन्होंने 31 मार्च तक बिजली कनेक्शन का काम भी कराने का निर्देश दिया।
फतहां में निर्माणाधीन एसटीपी के निरीक्षण के लिए पहुंचने पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने वहां चल रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। गंगा के किनारे निर्माणाधीन एसटीपी के साथ ही फतहां में गंगा नदी का कटान रोकने तथा शहर में बड़ा नाला बनाने के लिए कार्ययोजना प्रस्तावित करने के लिए जल जीवन मिशन के मुख्य अभियंता को निर्देश दिया। उन्होंने सर्वे कर कार्ययोजना प्रस्तावित करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने बताया कि मिर्जापुर नगर पालिका क्षेत्र में गंगा में गिरने वाले 18 चिह्नित नालों को टैप कर उसका अवजल शोधित करने के लिए नमामि गंगे के तहत 129.08 करोड़ की लागत से 8.5 एमएलडी क्षमता के दो नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), एक पंपिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा 14 एमएलडी क्षमता के पक्का पोखरा स्थित पुराने एसटीपी पर काम गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की तरफ से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 98.5 प्रतिशत काम पूरा गया है। उन्होंने विसुंदरपुर में 8.5 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य अभियंता ने बताया कि दोनों एसटीपी का काम लगभग पूरा हो गया है। बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण अभी एसटीपी चालू नहीं हो पाया है। इस पर डायरेक्टर जनरल ने 31 मार्च से पहले बिजली कनेक्शन देने की हिदायत दी। साथ ही यह भी कहा कि 31 मार्च के बाद गंगा में बगैर शोधन के नालों का गंदा पानी नहीं गिरना चाहिए। इससे पहले उन्होंने सुबह 8ः30 बजे विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए। इसके बाद पक्का पोखरा स्थित एसटीपी का निरीक्षण किया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे देवेन्द्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।