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Mirzapur News: पीएचसी में स्टॉक रजिस्टर अधूरा मिला, दो फॉर्मासिस्ट निलंबित

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पड़री। प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी ने मंगलवार को विकास खंड क्षेत्र पहाड़ी का सघन दौरा किया। लगभग पांच घंटे तक जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को साथ लेकर उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों व कर्मियों में खलबली मची रही। प्रभारी मंत्री ने भरपुरा प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया भी। विद्यालय में बने मध्याह्न भोजन को चख कर गुणवत्ता भी परखी। पड़री प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टॉक रजिस्टर अधूरा मिलने पर उन्होंने सीएमओ को वहां तैनात दोनों फार्मासिस्टों को निलंबित करने का निर्देश दिया।
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प्रभारी मंत्री दोपहर करीब एक बजे ग्राम पंचायत भरपुरा पहुंचे। वहां राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में औषधि आदि के साथ ही दो मरीजों से बात कर डाॅक्टर व दवा आदि की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सक को हिदायत दी कि मरीजों को कहीं से असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसी क्रम में वे भरपुरा प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। जहां आधे घंटे तक मंत्री व जिलाधिकारी ने अध्यापक बनकर बच्चों को पाठ पढ़ाया। मध्याह्न भोजन आदि के बारे में छात्रों से पूछताछ कर जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बच्चों से पहाड़ा, जोड़-घटाना आदि श्यामपट पर लिखवाया। संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर प्रधानाध्यापिका को अध्यापन कार्य में सुधार लाने का निर्देश दिया। प्रभारी मंत्री ने अपना अनुभव भी बच्चों के साथ साझा किया। इस दौरान अध्यापकों व ग्रामीणों ने शिकायत की कि बंदरों के आतंक से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। इस पर मंत्री ने खंड शिक्षा अधिकारी प्रतिभा सिंह व ग्राम प्रधान को विद्यालय के चारों तरफ जाली लगवाने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालय में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने भरपुरा स्थित 33 लाख रुपये की लागत से बने अटल खेलकूद मैदान व भगत सिंह शहीद उद्यान के अलावा 14 लाख 80 हजार रुपये की लागत से बने कूड़ा निस्तारण केंद्र का भी निरीक्षण किया।
प्रभारी मंत्री का काफिला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पड़री पहुंचा। जहां उन्होंने औषधि भंडार, स्टॉक रजिस्टर, दवा वितरण कक्ष, ओपीडी, बेड आदि का निरीक्षण किया। स्टॉक रजिस्टर अधूरा मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सीएल वर्मा को संबंधित दोनों फार्मासिस्टों को निलंबित करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई देख उन्होंने डॉ. आनंद कुमार को शाबाशी दी। इसके बाद वे सिंधोरा डगमगपुर स्थित वृहद गो आश्रय केंद्र पहुंचे। जहां गंदगी देख कड़ी नाराजगी जताई। गोशाला में कुल 370 पशु पाए गए। उनमें से 239 नर व 137 मादा पशुओं के बारे में जानकारी रजिस्टर में दर्ज मिली। पशुओं के लिए हरा चारा व पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। साथ ही आगाह किया कि दोबारा जांच करने में कोई कमी मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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