विंध्याचल। विंध्य कॉरिडोर निर्माण के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर और आस-पास से हटाए गए विस्थापित देवी देवताओं का वनवास जल्द खत्म होगा। जल्द ही वे अपने घर में विराजमान होंगे। इतना ही नहीं विधि विधान से पूजा पाठ के लिए अर्चकों की तैनाती भी होगी। इसको लेकर जिला प्रशासन बृहद प्रस्ताव तैयार करा रहा है।
विंध्य कॉरिडोर निर्माण की जद में आने पर 2020 में मंदिर परिसर के बाहरी हिस्सों और आस-पास के प्राचीन मंदिरों को हटाया गया था। मूर्तियों को सुरक्षित धाधा जी मंदिर प्रांगण में रख दिया गया था। मां विंध्यवासिनी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालु वहीं पर दर्शन पूजन करते हैं। प्राचीन मंदिर से जुड़े देवी देवताओं में पानी की टंकी वाले भैरव जी, शक्ति देवी, हनुमान जी, शीतला देवी जी, श्री दत्तात्रेय भगवान जी, तीन शिवलिंग बाबा भोलेनाथ शिव जी, दुर्गा जी सहित आधा दर्जन से अधिक मूर्तियां रखी गई हैं।
जिला प्रशासन इन मूर्तियों की प्राचीन और आस्था के आधार पर उन्हें स्थापित करने और पूजा अर्चना का बृहद योजना बना रहा है। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि प्राचीन मंदिरों से जुड़े देवी देवताओं के प्रति आस्था और विश्वास को ध्यान में रखते हुए उनके लिए भवन और पूजा पाठ के लिए अर्चक रखे जाएंगे।