पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने देहात कोतवाली क्षेत्र के मसारी गांव में पूर्व प्रधान समेत छह लोगों द्वारा की गई पिटाई से किसान की हुई मौत के मामले में लापरवाही बतरने पर गुरसंडी चौकी इंचार्ज शंभूनाथ को मंगलवार की सुबह निलंबित कर दिया। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक नगर आशुतोश शुक्ला को देहात कोतवाल के रवैये की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। एसपी ने यह भी पूछा है किसान की मौत के बावजूद तत्काल एनसीआर की धाराओं में बदलाव क्यों नहीं किया गया।
बता दें कि दो दिन पूर्व मसारी गांव निवासी रामनरेश द्वारा अपने खेत में बोई गई टमाटर की फसल उखाड़ने का विरोध जताने पर गांव के पूर्व प्रधान सोमारू ने अपने तीन बेटों व दो पुत्रियों के साथ मिल कर लाठी डंडा व राड से पीट पीट कर उसका हाथ पैर तोड़ दिया था। बीच बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी शांति देवी व भाई पारस को लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया था। गंभीर रूप से घायल रामनरेश तथा उसकी पत्नी शांति देवी को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जहां घंटों रामनरेश घायलावस्था में तड़पता रहा लेकिन कोई हड्डी रोग विशेषज्ञ डाक्टर नहीं पहुंचा।
घटना की तहरीर देने पर देहात पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट व गाली गलौज का मामला पंजीकृत कर लिया, लेकिन सोमवार की सुबह किसान की बीएचयू में उपचार के दौरान मौत हो गई। किसान की मौत होने के बावजूद देहात कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैरइरादन हत्या या हत्या के आरोप में मुकदमा पंजीकृत नहीं किया। इसकी शिकायत की तहरीर देने वाले जगदीश कुमार ने जब पुलिस अधीक्षक से किया तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। चौकी इंचार्ज शंभूनाथ यादव को लापरवाही बतरने के आरोप में निलंबित कर दिया जबकि एएसपी सिटी आशुतोष शुक्ला को देहात कोतवाल के कार्य प्रणाली की जांच करने का निर्देश दिया।