मिर्जापुर। भारत को पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने में एक ट्रिलियन डालर का योगदान उत्तर प्रदेश का होगा। उत्तर प्रदेश इस रास्ते पर काफी आगे बढ़ चुका है।
ये बातें केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुधवार को महुवरिया स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में कहीं। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किया। साथ ही विकास योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को पांच ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने की बात कही तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इसमें एक ट्रिलियन डालर का योगदान उत्तर प्रदेश का रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल दावा ही नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश इस रास्ते पर काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में 10वें नंबर पर थी, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था पांचवें नंबर पर आ गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसे तीसरे नंबर पर लाना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का ऐसा राज्य है, जहां सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे हैं। यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट, डोमेस्टिक एयरपोर्ट की संख्या में वृद्धि हुई है। सड़क, हाईवे, बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। इसलिए यहां पर बड़े निवेशक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुल रहे हैं। प्रदेश में सांस्कृतिक धरोहरों को सजाने और संवारने का काम हो रहा है। इसके पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने सरकार की तरफ से संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने अतिथियों का स्वागत करने के साथ ही समापन भी किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आर्य कन्या इंटर काॅलेज, सुंदर मुंदर इंटर काॅलेज और कांशीराम बालिका इंटर काॅलेज की छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। लोक गायक शिव लाल गुप्ता ने कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित अनेक गीत सुनाया। संचालन राजेन्द्र तिवारी उर्फ लल्लू तिवारी ने किया। इस दौरान एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह, विधायक मझवां डाॅ. विनोद बिंद के अलावा परियोजना निदेशक डीआरडीए अजय प्रताप सिंह, डीडीओ श्रवण कुमार राय आदि मौजूद रहे।